
बिलासपुर। तोरवा थाना पुलिस ने दो साल पुराने अंधे कत्ल की गुत्थी को सुलझाते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मृतक की हत्या अवैध संबंध के संदेह में की गई थी। पुलिस ने कड़ी दर कड़ी साक्ष्य एकत्र कर इस ब्लाइंड मर्डर केस का पर्दाफाश किया है।
वर्ष 2023 में तोरवा थाना क्षेत्र में रेलवे ट्रैक पर एक अज्ञात शव मिलने की सूचना मिली थी। शव की स्थिति संदिग्ध थी
बांए हाथ और दाहिने जांघ पर रस्सी बंधी थी शरीर पर चोटों के गहरे निशान थे।डॉक्टर की रिपोर्ट में मृत्यु गंभीर चोटों से होना प्रमाणित हुआ था। पुलिस ने प्रारंभिक रूप से मर्ग क्रमांक 51/2023 धारा 174 जाफौ. दर्ज किया था। बाद में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के निर्देश पर मर्ग डायरी की पुनः जांच कराई गई, जिसमें हत्या के तथ्य सामने आए। इसके बाद अपराध क्रमांक 202/2024 धारा 302, 201 भादवि दर्ज कर विवेचना प्रारंभ की गई।
यह मामला पुराना और ब्लाइंड मर्डर होने से जांच चुनौतीपूर्ण थी। सीएसपी कोतवाली (पूर्व) अक्षय प्रमोद सबद्रा (भा.पु.से.) के निर्देशन में एवं बाद में वर्तमान सीएसपी कोतवाली गगन कुमार (भा.पु.से.) के नेतृत्व में वैज्ञानिक पद्धति से जांच आगे बढ़ाई गई।
जांच में खुलासा हुआ कि मृतक विनोद महंत का संबंध राजकुमारी पासी नामक महिला से था। हत्या के दिन महिला के पुत्र कृष्णा पाल और उसके साथी मनोज पाल ने मृतक से विवाद किया। कृष्णा ने मृतक को अपनी मां के साथ देख लिया, जिससे नाराज़ होकर उसने मनोज के साथ मिलकर मृतक को मोटरसाइकिल से लालखदान ले जाकर लोहे की रॉड से हमला कर दिया।
पूछताछ में पता चला कि मृतक को गंभीर चोटें देने के बाद आरोपियों ने उसे निर्माणाधीन रेलवे ट्रैक पर फेंक दिया।
जब मृतक के हिलने की हरकत दिखी तो आरोपियों ने फिर से उसके सिर पर पत्थर से वार कर हत्या कर दी और मौके से फरार हो गए।
आरोपियों के कबूलनामे के आधार पर हत्या में प्रयुक्त लोहे की रॉड को पुलिस ने जप्त किया।
दोनों आरोपियों को 27 अक्टूबर 2025 को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया।
मृतक की पहचान
विनोद महंत, निवासी – हेमू नगर, थाना तोरवा, जिला बिलासपुर (छ.ग.)
गिरफ्तार आरोपियों के नाम:
1️⃣ कृष्णा पाल पिता स्व. कमलेश पाल, उम्र 24 वर्ष, निवासी – परियापारा, लालखदान, थाना तोरवा
2️⃣ मनोज पाल उर्फ धन्ना पिता शिवपाल, उम्र 21 वर्ष, निवासी – लालखदान, परियापारा, थाना तोरवा
इस प्रकरण के खुलासे में सीएसपी कोतवाली, तोरवा थाना प्रभारी, विवेचना टीम एवं तकनीकी स्टाफ का विशेष योगदान रहा।