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बिलासपुर

लिंगियाडीह बचाओ आंदोलन इस भरी बरसात में भी जारी, आज आंदोलन के 270 दिन पूरे, शासन-प्रशासन अभी भी खामोश

बिलासपुर। लिंगियाडीह बचाओ आंदोलन को 270 दिन पूरे हो गए हैं, लेकिन लंबे समय से जारी धरने के बावजूद आंदोलनकारियों का कहना है कि शासन-प्रशासन की ओर से उनकी मांगों पर अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। गर्मी और बारिश की परवाह किए बिना महिलाएं, बुजुर्ग और बच्चे लगातार धरनास्थल पर डटे हुए हैं।

करीब 35 ग्रामीणों से शुरू हुआ यह आंदोलन अब सैकड़ों परिवारों की आवाज बन चुका है। अपोलो रोड, दुर्गा चौक और राजकिशोर नगर क्षेत्र में रहने वाले परिवारों का आरोप है कि नगर निगम द्वारा गार्डन और व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स के लिए लंबे समय से बसे मकानों और दुकानों को हटाने की तैयारी की जा रही है।

आंदोलनकारियों का कहना है कि क्षेत्र में कई परिवार करीब 50 वर्षों से निवास और कारोबार कर रहे हैं। इससे पहले भी सड़क और नाली निर्माण के नाम पर कई मकान-दुकान हटाए जा चुके हैं। अब दोबारा विस्थापन की कार्रवाई से सैकड़ों परिवारों के सामने घर और रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है।

पट्टे के नाम पर राशि लेने का आरोप

आंदोलनकारियों का सबसे बड़ा आरोप नगर निगम की ओर से पट्टे के नाम पर राशि लिए जाने को लेकर है। उनका कहना है कि मकान मालिकों से राशि जमा कराकर रसीद दी गई, लेकिन इसके बाद भी पट्टा नहीं दिया गया। अब उन्हीं परिवारों के आशियाने हटाने की तैयारी की जा रही है।

आंदोलनकारियों ने नगर निगम को कई बार आवेदन देकर अपनी समस्या के समाधान की मांग की, लेकिन उनका आरोप है कि अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला गया।

पट्टा मिलने तक आंदोलन जारी रखने का ऐलान

लिंगियाडीह बचाओ आंदोलन से जुड़े लोगों का कहना है कि सामाजिक संगठनों के समर्थन से आंदोलन लगातार मजबूत हो रहा है। आंदोलनकारियों ने स्पष्ट किया है कि जब तक उनकी भूमि का पट्टा नहीं दिया जाता, तब तक धरना समाप्त नहीं किया जाएगा।

आंदोलनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और व्यापक करते हुए बड़ा आंदोलन किया जाएगा।

धरने में यशोदा पाटिल, डॉ. रघु साहू, श्यामसुंदर कौशिक, अन्नपूर्णा ध्रुव, सुखमति बाई, पिंकी देवांगन, प्रीति साहू, लता देवांगन, ललिता मानिकपुरी, रामबाई मानिकपुरी, कुमारी कश्यप, साधना यादव, कल्पना यादव, बुधवारा अहिरवार, जानकी देवांगन, कुंती प्रजापति, जानकी गोंड, जानू गोंड, मथुरा सूर्यवंशी, जमुना सूर्यवंशी, पिली बाई चौहान, सुशीला दुर्गा श्रीवास, अनीता, लीला, उर्मिला पाटिल, सीता केंवट, सोनिया केंवट, कौशिल्या मानिकपुरी, अनुपा श्रीवास, शिवकुमार देवांगन, अर्पणा पटेल, कुमारी रजक, चंद्रकली केंवट, शीला सिंह, पुष्पा देवांगन, सरस्वती देवांगन, राजकुमारी देवांगन, जयकुमार अहिरवार, चंद्रमा अहिरवार, नंद कुमारी देवांगन, गायत्री देवांगन, मालती मानिकपुरी, सावित्री यादव, सावित्री साहू, दिनेश यादव, सविता डे, रूपा डे, वंदना डे, शिवकुमारी साहू, प्रशांत मिश्रा सहित बड़ी संख्या में लोग शामिल हैं।