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बिलासपुर

•डी.पी. विप्र महाविद्यालय में ‘साइनेक्स मिलेनियम’ का शानदार रजत जयंती समारोह का आयोजन •जीवन में सबसे बड़ा पुनीत कार्य किसी के जीवन को गढ़ना है – अमर अग्रवाल

बिलासपुर ।  स्थानीय डी.पी. विप्र महाविद्यालय में विश्वविद्यालयीन स्तरीय ‘साइनेक्स मिलेनियम’ का शानदार रजत जयंती समारोह में विद्यार्थियों के कौशल क्षमता को लेकर 25वां वर्ष पूर्ण कर रहा है। जिसमें महाविद्यालय सहित 27 कॉलेज के 104 मॉडल और महाविद्यालय से 818 मॉडल सहित कुल 922 मॉडल के साथ 2776 छात्र/छात्राओं के मॉडल द्वारा इस कार्यक्रम का उद्घाटन हुआ। कार्यक्रम में विद्यार्थियों की प्रतिभा, वैज्ञानिक सोच, नवाचार तथा रचनात्मकता को प्रोत्साहित करने पर विशेष बल दिया गया।

समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में अमर अग्रवाल , (विधायक एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री), विशिष्ट अतिथि अटल श्रीवास्तव, (विधायक कोटा), अध्यक्षता अनुराग शुक्ला, (अध्यक्ष, प्रशासन समिति) ने की। वही प्राचार्य डॉ. एम.एस. तम्बोली, साईनेक्स प्रभारी डॉ. निधिश चौबे एवं एल्युमिनी कमेटी के अध्यक्ष अविनाश सेठी विशेष रूप से उपस्थित रहे।

मुख्य अतिथि अमर अग्रवाल ने महाविद्यालय के इस साईनेक्स मिलेनियम में 25 वर्ष पूर्ण होने एवं लिम्का बुक में सर्वाधिक मॉडल का नाम दर्ज होने पर महाविद्यालय परिवार को बधाई देते हुए कहा कि जीवन में सबसे बड़ा पुनीत कार्य है किसी का जीवन गढ़ना। जीवन गढ़ने की परिभाषा समय, काल के अनुसार परिवर्तित होते रहता है। दुनिया के जितने भी विकसित राष्ट्र है वह कैसे विकसित बने इस ओर दृष्टि डालने पर हम पाते हैं कि शोध एवं रिसर्च की इसमें अहम भूमिका रहती है और यह सब युवाआंे की क्षमता और उत्साह के द्वारा ही संभव है और यही उत्साह आज इस महाविद्यालय परिसर मे भी देखने को मिल रहा है और निश्चित ही हमने 2047 तक जो विकसित भारत का सपना देखा है वह युवाओं के इन्हीं स्टार्टअप एवं इनोवेशन के द्वारा हो सकता है। इसके लिए चुनौतियाँ आएगी, और उन चुनौतियों पर हम विचार करें तो हम उसका समाधान भी कर सकते हैं। महाविद्यालय में बने इन्क्यूबेशन सेंटर की सराहना की और कहा कि इसके द्वारा यहां पर स्टार्टअप पर जोर दिया जाता है यह बहुत बधाई योग्य है।

विधायक अटल श्रीवास्तव ने अपने उद्बोधन में कहा कि महाविद्यालय में विज्ञान, कला एवं वाणिज्य के विद्यार्थियों को शोध मॉडल एवं इनोवेशन के लिए सफल मंच मिलता है यह बहुत गौरव की बात है। नवीन विचार एवं खोजों के द्वारा युवा वर्ग राष्ट्र के विकास में भागीदार होकर उज्ज्वल भविष्य का निर्माण कर सकते है। साथ ही उन्होंने इस प्रकार के आयोजनों को विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए उपयोगी बताया।

अनुराग शुक्ला ने अपने उद्बोधन में कहा कि डी. पी. विप्र महाविद्यालय विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ-साथ उनकी प्रतिभा और कौशल के विकास के लिए निरंतर प्रयासरत है। महाविद्यालय के 25 मॉडल को पेटेंट किया गया यह इस आयोजन की एक बहुत बड़ी उपलब्धि है। विश्वविद्यालय स्तरीय आयोजन विद्यार्थियों को अपनी क्षमताओं का प्रदर्शन करने, नए विचारों को साझा करने और प्रतिस्पर्धात्मक भावना विकसित करने का अवसर देते हैं। उन्होंने आयोजन से जुड़े सभी लोगों को बधाई देते हुए विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

प्राचार्य डॉ. एम. एस. तंबोली ने अपने उद्बोधन में सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि शिक्षा का उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल ज्ञान प्रदान करना ही नहीं, बल्कि उनमें वैज्ञानिक दृष्टिकोण, तार्किक चिंतन, रचनात्मकता एवं सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना विकसित करना भी है।

उन्होंने कहा कि ‘साइनेक्स मिलेनियम’ जैसे आयोजन विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा पहचानने और नए विचारों को साकार करने के लिए प्रेरित करते हैं। इस तरह के आयोजन से विद्यार्थियों में नई सोच, नये विचार आते हैं, जो राष्ट्र के निर्माण में सहयोग करते हैं।

इस अवसर पर अतिथियों द्वारा साईंस एक्जीबिशन पत्रिका का विमोचन किया गया है। कार्यक्रम का संचालन डॉ. ऋचा हांडा एवं आभार डॉ. किरण दुबे द्वारा किया गया। इस अवसर पर डॉ. मनीष तिवारी, श्रीमती सीमा पाण्डेय, दीपक सिंह, गोविंद सेठी, जीतू ठाकुर, शिवा गेंदले, विनय अग्रवाल, निलेश माडेवार, टिकेश प्रताप सिंह, चित्रकांत निडरवार, विकास सिंह ठाकुर, मनीष मिश्रा, उमेश साहू, अरूण नथानी, बृजेश बोले, यूपेश कुमार, डॉ. संजय तिवारी, डॉ. एम.एल. जायसवाल, डॉ. विवेक अम्बलकर, डॉ. आशीष शर्मा, प्रो. ए.श्रीराम, डॉ. सुषमा शर्मा, डॉ. खगेन्द्र सोनी, डॉ. जयंत राय, डॉ. शिखा पहारे, डॉ. सुरूचि मिश्रा, प्रो. विश्वास विक्टर, शैलेन्द्र तिवारी, डॉ. अजय यादव, प्रो. सुचित दुबे, डॉ. ज्योति तिवारी, हैल्सियनकांत, विभांशु अवस्थी, सगराम चंद्रवंशी, तोरण यादव एवं समस्त प्राध्यापकगण, कर्मचारीगण एवं छात्र/छात्राएं बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।