
बिलासपुर : सरकंडा पुलिस ने अपोलो चौक में हुए अंधे कत्ल की गुत्थी को सुलझा लिया है ,मर्डर अवैध संबंधों को लेकर हुए विवाद में किया गया था।
बुधवार को लोयोला स्कूल रोड ,गब्बू मटन दुकान के पास एक मृत व्यक्ति देखा गया जिसकी पहचान संतोष यादव उम्र 38 वर्ष पिता श्यामसुंदर यादव निवासी लिंगियाडीह,बिलासपुर की गई, मृतक का भाई अशोक यादव ने जानकारी मिलने पर तत्काल घटना की रिपोर्ट सरकंडा थाने में दर्ज कराई थी।
सरकंडा पुलिस जब मौके में जाकर देखा तो शव चित हालत में पड़ा, गले में काला रंग का गमछा पहना, जिसका एक सिरे में गले में गठान एक बार लगा है माथा में गाल में चोट जैसा निशान पड़े हुए थे मृतक के शव का निरीक्षण करने पर हत्या का अंदेशा होने पर थाना सरकंडा में मर्ग क्रमांक 124 / 2022 धारा 174 जाफौ तथा अपराध क्रमांक 1115 / 2022 धारा 302 भादवि के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना में लिया गया ।
मामले की गंभीरता को देखते हुये तत्काल सूचना जिले के उपमहानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्रीमती पारूल माथुर (भा.पु. से.), अति0 पुलिस अधीक्षक (शहर) श्री राजेन्द्र जायसवाल एवं नगर पुलिस अधीक्षक सरकंडा श्रीमती स्नेहिल साहू को दी गई जिस पर तत्काल अज्ञात आरोपी की धरपकड करने के निर्देश प्राप्त हुए जिसके परिपालन में थाना प्रभारी सरकंडा श्री उत्तम कुमार साहू के नेतृत्व में टीम तैयार कर तत्काल अज्ञात आरोपी की पतासाजी में जुट गई ।
पुलिस को परिजनो ने बताया कि मृतक संतोष यादव व प्रमोद कुमार श्रीवास दुर्गा पंडाल में साथ जाने की बात बतायी जिस आधार पर प्रमोद को पकडकर कड़ाई से पूछताछ किया गया। आरोपी ने पूछताछ में मृतक के साथ बैठकर शराब पीना उसी दौरान मृतक के द्वारा अपनी पत्नी के साथ आरोपी के अवैध संबंध की शंका जाहिर करने पर दोनो के मध्य विवाद होने पर वह आवेश में आकर मृतक संतोष यादव के गले में रखा गमछा को एक गठान लगाकर गमछा को खीचा व मृतक के छटपटाने पर अपने पैर से सीने पर दबाया जिससे मृतक की मौके पर ही मौत हो गयी जिसे छोडकर आरोपी फरार हो गया उक्त बात आरोपी ने पुलिस को बताया। आरोपी के जुर्म स्वीकार करने और आरोपी को गिरफतार किया गया हैं जिसे माननीय न्यायालय पेश किया जावेगा ।
उक्त कार्यवाही में थाना प्रभारी श्री उत्तम कुमार साहू, उनि. राज सिंह, उनि. बी.आर सिन्हा, प्र. आर. प्रमोद सिंह, आरक्षक अशफाक अली, तदबीर पोर्ते, अविनाश कश्यप, राहुल सिंह, सोनू पाल, मनीष वाल्मिकी, भागवत चंद्राकर का विशेष योगदान रहा ।