Loading ...
बिलासपुर

बंधवापारा, सरकंडा के देशी शराब दुकान हटवाने गांधीवादी नेता संजय भूख हड़ताल पर बैठे, आंदोलन को भाजपा, आम आदमी पार्टी, शिव सेना ने दिया अपना समर्थन , शासन के नुमाइंदे आज तीन दिनों बाद भी जनता की सुध लेने आंदोलन स्थल नही पहुंचे

बिलासपुर : बंधवापारा,सरकंडा में स्थित देशी शराब भठ्ठीं को वहां से दूसरी जगह स्थानांतरित करने की मांग को लेकर मोहल्लें के लोग धरने पर बैठे ।

ज्ञात हो कि सरकंडा बंधवापरा देशी शराब भट्ठी की वजह से यहा पर दिन भर शराबियों का डेरा जमा रहता है जो राह चलते लड़कियों से छेड़छाड़ व छिटाकशी करते रहते है, शराबीयो द्वारा रह चलते आम लोगो से जबरन विवाद कर मारपीट आम बात है, जिससे पूरा मोहल्ला परेशान है साथ ही पास में ही कन्या शाला एवम ड्रीम लैंड स्कूल है जहा छोटे छोटे बच्चे बच्चियां पड़ती है।

यहां पर स्थित देशी शराब दुकान को यहां से अन्य जगह स्थानांतरित कराने के लिए जिला प्रशासन को मोहल्ले की नारी शक्ति टीम की महिलाओ के द्वारा विगत दिनों ज्ञापन भी दिया गया था लेकिन जब प्रशासन उनकी बातो को अनसुनी कर दिया तो अंततः मोहल्ले के लोगो को भूख हड़ताल में बैठना पड़ा।

शहर के गांधीवादी विचारधारा एवम गांधी के नाम से प्रसिद्ध संजय आयल सिंघानी जिन्होंने महिलाओ एवम मुहल्ले वासियों की आवाज बनकर प्रशासन को जगाने देशी शराब दुकान के सामने पंडाल लगाकर पिछले 26 नवंबर से भूख हड़ताल पर बैठे है।

इस आंदोलन को बिलासपुर के पूर्व विधायक एवम मंत्री अमर अग्रवाल भी पंडाल पहुंच कर अपना समर्थन दिया, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी, शिवसेना, आम आदमी पार्टी के नेताओ ने भी इस मांग को जायज बताते हुए धरना स्थल पहुंच कर अपना समर्थन दिया है।

लेकिन बड़े दुख की बात है की इतनी कड़ कड़ाती ठंड में एक व्यक्ति रात दिन जनता की आवाज बनकर शराबबंदी को लेकर भूख हड़ताल पर बैठा है लेकिन प्रशासन के नुमाइंदे बेखबर घर में रजाई ओड कर आराम फरमा रहे है, इनकी ओर से अभी तक कोई भी जनप्रतिनिधि जनता से बात करने अभी तक नही पहुंचा है।

आंदोलन को किरण धुरी, शकुंतला साहू, दीपा शर्मा, रुकमणी ठाकुर, नारायण गंधर्व, द्वारिका वर्मा ,रामअवतार श्रीवास, देवकी श्रीवास, माया श्रीवास आदि मोहल्लेवासियों ने अपना समर्थन देकर जायज बताया है।