
बिलासपुर : राष्ट्रीय बाल संरक्षण आयोग,दिल्ली का दबाव आखिरकार काम कर गया और 9 साल की मासूम बच्ची को जिसे CWC द्वारा पिछले 60 दिनो से उसकी मां को सौपा नही जा रहा था आखिरकार मंगलवार को सौप दिया गया।
बता दे की आज दोपहर 2 बजे के लगभग सीडब्ल्यूसी के द्वारा यौन उत्पीडन की शिकार 09 साल की मासूम बच्ची को उसके मामा के सुपुर्द किया गया है।

ज्ञात हो कि अपने पिता के योंन उत्पीड़न की शिकार हुई 09 साल की अपनी मासूम बच्ची को CWC से वापस देने की मांग को लेकर एक बेकसूर मां पिछले 60 दिनो से लड़ाई लड़ रही थी पर किसी ने उसकी नही सुनी। उसे इस कड़कड़ाती ठंड में कलेक्ट्रेट के सामने 03 दिनो तक धरने में बैठना पड़ा था । लेकिन प्रशासन ने बल पूर्वक धरने से उठाकर उनके समर्थन में आंदोलन कर रहे कार्यकर्ताओ को जेल में ठूंस दिया था।
मामला दिन ब दिन तुल पकड़ता जा रहा था सभी मीडिया ने भी इस खबर को प्रमुखता से दिखाई जिसके परिणाम स्वरूप राष्ट्रीय बाल संरक्षण आयोग ,दिल्ली ने इस पूरे मामले को मीडिया रिपोर्ट के आधार पर संज्ञान में लेते हुए जिला कलेक्टर से बिंदु वार रिपोर्ट मांगी जिसका प्रभाव इतना व्यापक पड़ा कि जो बच्ची को पिछले 60 दिनो से सीडब्ल्यूसी अपने पास रख कर उसकी मां को सुपुर्द नही कर रही थी उसे आखिरकार मंगलवार को सुपुर्द करना पड़ा ।
लेकिन यहां एक मां की जंग अपनी बच्ची को पाने की अभी भी पूरी तरह खत्म नही दिख रही है, क्योंकि CWC ने मां को मानसिक रोगी बताते हुए बच्ची को उसके मामा के सुपुर्द किया है,जबकि मां मीडिया से बातचीत लेकर अपनी बच्ची को पाने की इस लड़ाई में कही भी मानसिक रोगी नजर नही आई ।
बेकसूर मां को अपनी मासूम बच्ची को पाने की इस लगाई में आम आदमी पार्टी की नेत्री एवम अधिवक्ता प्रियंका शुक्ला का बड़ा योगदान रहा जिनके प्रयासों से यह पूरा मामला जनता व मीडिया के सामने आई।
वही एक मां की अपनी मासूम बच्ची को पाने की इस लड़ाई में नारी शक्ति टीम सरकंडा की दीपा शर्मा, किरण धुरी, संजू कश्यप, शकुंतला साहू व सामाजिक कार्यकर्ता पायल लाठ व सपना सराफ का भी बड़ा योगदान रहा।