
बिलासपुर : तोरवा थाना के थानेदार का एक गैर जिम्मेदाराना मामला सामने आया है, मामले में महिला संबंधी अपराध के आरोपित व्यक्ति को बिना कार्यवाही करें एक कांग्रेस नेता के दबाव में आ कर थाने से छोड़ दिया गया है। जिसे लेकर पीड़िता द्वारा आज पुलिस अधीक्षक से शिकायत की गई है।
जिले में नव पदस्थ पुलिस अधीक्षक संतोष सिंह के आने के पश्चात जिला पुलिस द्वारा नशे व अपराध के विरुद्ध चलाई जा रहे “निजात अभियान” का हर तरफ तारीफ हो रही है। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर लगातार नशे के खिलाफ एक बड़ी मुहिम चल रही है जिसकी हर तरफ सराहना की जा रही है। तो वही दूसरी तरफ पुलिस के कुछ अधिकारी अपनी कार्यशैली से अपने ही विभाग की छवि धूमिल करने में लगे पड़े है ।
ताजा मामला तोरवा थाना का है, जहां पर लाल खदान निवासी 19 वर्षीय महिला ने गांव के ही एक व्यक्ति के खिलाफ छेड़छाड़ मारपीट की शिकायत थाने में दर्ज कराई थी। प्रकरण में महिला की डॉक्टरी मुलाहीजा के बाद आरोपी चरण दास मानिकपुरी के खिलाफ धारा 354, 323 के तहत अपराध पंजीबद्ध कर लिया गया था।
सूत्रों के हवाले से खबर है कि तोरवा पुलिस ने रात लगभग 10:30 आरोपित व्यक्ति को पकड़ कर थाना लाई थी जिसके बाद सुबह बिना कार्यवाही किए उसे छोड़ दिया।
मामले पर जब थानेदार उत्तम साहू से मीडिया ने जानकारी लिया तो उन्होंने बताया कि महिला की शिकायत पर अपराध पंजीबद्ध किया गया है। गिरफ्तारी के संबंध में पूछने पर उन्होंने कहा कि गिरफ्तारी नहीं हुईं है। कुछ देर बात करने पर उन्होंने कबूल किया कि रात को पुलिस अनावेदक को उठा कर थाने लाई थी जिसके बाद सुबह मैंने उसे छोड़ दिया है क्योंकि पुलिस को संदेह है कि शिकायत फर्जी है मोहल्ले वाले बता रहे हैं कि शिकायत गलत है। वरिष्ठ अधिकारियों को मामले से अवगत कराया गया जिसके बाद आदेश प्राप्त हुआ कि पहले इसकी जांच की जाए उसके बाद गिरफ्तार करें।
थानेदार उत्तम साहू का यह भी कहना है कि अनावेदक चरण दास मानिकपुरी के रिश्तेदार के साथ गलत हुआ था। उक्त मामले पर फंसे आरोपी की बहन द्वेष की भावना रखकर अपने भाई को बचाने के लिए चरण दास मानिकपुरी के खिलाफ फर्जी शिकायत की है।
थानेदार द्वारा मीडिया को बताए गए दूसरे पहलू पर जानकारी लेने पर पता चला कि जिस अपराध में शिकायतकर्ता महिला का भाई जेल में बंद है, उसका अनावेदक चरण दास मानिकपुरी से कोई लेना देना ही नही है।
बताया जाता है कि वर्ष 2022 को दशहरे के दिन बेलभाटा बाजार लाल खदान में मारपीट कि घटना घटी थी जिसमें प्रार्थी की शिकायत पर धारा 307 के तहत लक्ष्य चौहान, शिवम चौहान और सूरज पाल तीनों को जेल दाखिल किया गया था। जिसमें दो लोगों को जमानत पर रिहा बताया जा रहा है वही सूरजपाल अभी भी जेल में बंद है जो वर्तमान शिकायतकर्ता पीड़िता महिला का भाई है। जिसने चरण दास मानिकपुरी के खिलाफ शिकायत किया है।
यह बात भी सामने आ रही है कि पीड़ित महिला लव मैरिज की है इसलिए वह अब अपना सरनेम बदलकर लिखती है।
इस पूरे मामले में लाल खदान के एक बड़े कांग्रेसी नेता का नाम सामने आ रहा है जिसके दबाव में आकर थानेदार ने आरोपीत व्यक्ति को थाने से छोड़ा है ऐसी खबर है।
जिसे लेकर आज पीड़िता ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय आ कर पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौप कर न्याय की गुहार लगाई है, अब देखना होगा कि इस मामले में नए एसपी का क्या एक्शन लेते है ।