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बिलासपुर

बाबा साहेब डॉ भीमराव अंबेडकर की 132 वी जयंती के अवसर, ऑल इंडिया एसटी/एससी रेलवे एम्प्लॉयीज एसोसिएशन के द्वारा हुआ रंगारंग सास्कृतिक कार्यक्रम ” आज हम सब जो भी है बाबा साहेब के सिद्धांत के बदौलत बने हुए है, इसलिए समाज के प्रति भी आपकी जवाबदारी है। ” – विधायक : इंदु बंजारे

बिलासपुर । बाबा साहेब डॉ भीमराव अंबेडकर की 132 वी जयंती के अवसर पर रेलवे इंस्टीट्यूट पर आल इंडिया एसटी/ एसटी रेलवे एम्प्लॉयीज एसोसिएशन बिलासपुर द्वारा आयोजित कार्यक्रम में पामगढ़ विधायक इंदु बंजारे मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुई।

कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रभात पासवान (जोनल सेक्रेटरी), विशिष्ट अतिथि एमएस खोबरागड़े (अध्यक्ष आल इंडिया एसटीएससी एम्प्लॉयज एसोसिएशन), जी चंद्रशेखर (सहायक महामंत्री), शिव मंगल (अध्यक्ष बिलासपुर मंडल),भोली चौधरी (अध्यक्ष रायपुर मंडल), लोकनाथ प्रधान (अध्यक्ष रनिंग ब्रांच),बी जी राहुलन (सचिव रनिंग ब्रांच), डॉ अमित मिरी (महासचिव आजक्स), मेश्राम (सहायक सुरक्षा अधिकारी) आदि ने की।

कार्यक्रम में उपस्थित मुख्यातिथि पामगढ़ विधायक इंदु बंजारे ने बाबा साहेब के शैल चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित एवम माल्यार्पण कर कार्यक्रम की शुरुआत की । तत्पश्चात नन्हे मुन्ने स्कूली बच्चों के द्वारा रंग रंग सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुति दी गई जो सभी दर्शकों को मंत्र मुग्ध कर दिया।

इस अवसर पर श्री भोले चौधरी ने कहा कि आज सम सभी को बाबा साहेब के विचारो पर चले की आवश्यकता है। बाबा साहब जानते थे कि मेरे मर जाने के बाद मेरे विचार ही किताबो के माध्यम से इस समाज को जागरूक करने का काम करेगा। इस लिए वे अपने दिन रात किताब लिखा करते थे। एक समय था उनकी तबियत बेहद खराब थी फिर भी वह किताब लिखने बैठे हुए थे। उन्होंने कहा कि महिलाऐं उनकी लिखी किताब जरूर पढ़े ताकि समाज का हर बच्चा शिक्षित बने ,जागरूक बने सके ।

श्री डॉ अमित मिरि ने कहा कि हम जिस समाज से आते है, उसके बाद भी आज हम यहां पर उपस्थित है वह बाबा साहब की देन है। आजादी के पहले हमारे समाज की बहुत दयनीय स्थिति थी। हम एक साथ इक्कठे भी नही हो सकते थे हमारे घर दक्षिण दिशा में होते थे । आज भी देश में हमारी स्थिति दयनीय ही है। जो व्यवस्था बाबा साहेब ने बनाया था उसे लेकर कुछ लोगो में खलबली है। क्या हम शिक्षित है आज हमारी 70 प्रतिशत लोग ही शिक्षित है अभी भी शिक्षा से हमारे 30 प्रतिशत लोग दूर है। जब तक हम अशिक्षा को दूर नही करेंगे, हम आगे नही बड़ पाएंगे। आज समाज से जिन्हे कुछ मिला है उन्हे भी समाज को कुछ देने की जरूरत है।

श्री एम एस खोरागडे ने कहा की यदि हम पेड़ लगा दे और पानी न डाले तो सुख जायेगा । आज देश में कई बड़े बड़े नेताओ ने जन्म लिया। बाबा साहब येसे मसीहा है जो दलितों को दिल में बिठाया है। उनके विचार को सभी अपने बच्चो में प्रसार करे। बाबा साहब कैसे बने पिता राम जी का सपना था कि उसका लड़का समाज में हो रहे अन्याय को दूर करे। लेकिन जब वे पद लिख कर नोकरी करने लगे तो उनको बहुत दुख हुआ । उनका स्क्पना था पढ़ाई कर समाज के लिए काम करे । बाबा साहेब बड़े ही दूरदर्शी थे उन्होंने 1936 में सबसे पहले देश की बढ़ती जनसंख्या पर अपनी चिंता जताई थी और नेहरू जी को इस पर नियंत्रण के उपाय के लिए कहा था।

रेलवे के सीनियर डी ई एन को – ऑर्डिनेशन मूर्ति ने कहा कि बाबा साहेब के सिद्धांतो को आगे बढ़ाना है तो बाबा साहेब जी की लिखी किताब जरूर बढ़े । कम से कम विचारो को जीवित रखने के लिए किताब जरूर बढ़े। आज यहां समाज के 30 से 50 प्रतिशत रेलवे में काम कर रहे है,वे कितने खरीद सकते है बड़े और दूसरी को भी प्रेरित करे।

उन्होंने कहा आज महत्वपूर्ण आपकी योग्यता नही महत्वपूर्ण अवसर है। सबको समान अवसर की बात सर्व प्रथम बाबा साहेब ने कहा था। बाबा एक व्यक्ति नही एक विचार धारा है। बाबा कोई चमत्कारिक व्यक्ति नही थे लेकिन वे सभी चीजों का अध्यन कर कोई बात कही। आज सच्चे अर्थों में राष्टवाद की कोई बात किसी ने कहा है तो बाबा साहेब जी ने कहा है।

पामगढ़ विधायक श्रीमती इंदु बंजारे ने इस अवसर पर कहा कि रेलवे कर्मचारियों में बाबा साहब के प्रति सम्मान देकर खुशी हुई , बाबा साहेब ने पूरे भारत देश में जन्मे सभी को मान सम्मान दिलाने में अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया। उनकी माता ने कंडे बेचकर उन्हे विदेश भेजकर पढ़ाया था। बहुसंख्यक समाज को सम्मान दिलाने अपनी पत्नी, मां, बच्चे को भी उन्होंने कुर्बान कर दिया। आज मैं जो विधायक हूं वह बाबा साहेब जी के कारण ही हूं। बाबा साहेब का बचपन बहुत संघर्षमई रहा। जब वे स्कूल जाते थे तो उन्हें उच्च वर्ग के बच्चो के चप्पल रखने की जगह पर बैठाया जाता था। एक बार बारिश में जब किसी घर के दीवाल में चिपककर अपनी किताबे को बारी से बचने की कोशिश की तो घर मालिक ने उसे वहा से भगाकर कीचड़ में फेक दिया। आज जो बाबा साहेब को माला पहना कर फोटो खिंचवा रहे है वे कभी बाबा साहेब का नाम तक नही लेते थे और आज उनकी तस्वीरों के आगे शीश भी झुका रहे है। हमे बाबा साहेब के मिशन को बचाना होगा। कभी समाज गले में मटकी और कमर में झाड़ू पहन कर घूमते थे लेकिन बाबा ने कहा था कि मैं एक दिन तुम्हारे गले में मटकी की जगह टाई और कमर में झाड़ू की जगह बेल्ट पहनाऊंगा। उन्होंने आगे कहा कि आज हम सब जो भी है बाबा साहेब के सिद्धांत के बदौलत बने हुए है, इसलिए समाज के प्रति भी आपकी जवाबदारी है।

जोनल सेक्रेटरी प्रभात पासवान ने अंत में धनवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि जिसे पढ़ने के लिए रोका गया उसे आज पूरी दुनिया पढ़ रही है। बाबा के विचार धारा को आगे बढ़ाए जिससे समाज की दिशा दशा सब सुधर जाए। कार्यक्रम में पधारे सभी अतिथियों का आभार किया।

इस अवसर पर रेलवे इंस्टीट्यूट का पूरा हाल दर्शको से खचा खच भरा रहा। रेलवे एसटी/एससी एंप्लॉईज एसोसिएशन के लोग पूरे परिवार के साथ इस कार्यक्रम का भरपूर आनंद लिया।