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बिलासपुर

16 लाख सेंक्शन होमलोन को बैंक में जमा किए चेक के मध्यम से अज्ञात व्यक्ति ने फ्रॉड कर निकाल लिया, अब दो बच्चो की विधवा मां न्याय के लिए बैंक व डीआरटी कोर्ट के काट रही है चक्कर

बिलासपुर। बैंक की गलतियों से अपने मकान से बेदखल होने को मजबूर न्याय की गुहार लगाती दो बच्चो की विधवा मां पिछले कई सालों से कभी थाने तो, कभी डीआरटी कोर्ट, तो कभी कलेक्टर ऑफिस की चक्कर काटने को मजबूर है लेकिन कही से उसे न्याय नही मिल पा रही है।

थक हार कर आज कोलेक्टर्ड में बैठी मीडिया को अपनी व्यथा सुनाई। उन्होंने कहा कि मैं हेमलता साहू उम्र 38 वर्ष पति स्व. अखिलेश्वर साहू निवासी- खमतराई रोड, शर्मा विहार ,बिलासपुर (छ.ग.) की विधवा महिला हूँ। मेरे दो बच्चे राहुल कुमार साहू, 20 वर्ष व ऋषि कुमार साहू 18 वर्ष का है मेरे आजीविका का साधन सिर्फ मकान के किराये से चलता है, वही मेरे व मेरे बच्चो के जीवकोपार्जन का साधन है।

उन्होंने बताया कि सन् 2013 में बीएनबी बैंक, व्यापार विहार ,बिलासपुर से उन्होंने होम लोन 10 लाख का चल रहा था फिर अचानक जब उनकी पति की तबियत खराब हो गई और उनका इलाज अपोलो हॉस्पिटल में चलने लगा तो उन्हे पैसे की जरूरत पड़ी, तब राहुल नमक एक व्यक्ति ने उन्हें 2016 – 17 में बैंक ऑफ बड़ौदा शाखा राजकिशोर नगर बिलासपुर में अपना लोन ट्रांसफर कर एक्स्ट्रा पैसा होम लोन के रूप में दिलवाने की बात कही।

जहा से उनका 26 लाख लोन सेंक्शन भी हुआ जिसमे से 10 लाख पीएनबी बैंक को जमा कर दिया गया बाकी 16 उनको मिलना था लेकिन बैंक में जमा कराए गए इनके 04 चेको के मध्यम से तरुण विश्वकर्मा एवं राहुल सिंह नामक अज्ञात व्यक्तियों द्वारा इनके खाते में 16 लाख ट्रांसफर कर तुरंत पैसा निकाल लिया गया और इन्हे पता ही नही चलने दिया। पता तब चला जब बैंक ने अपनी किस्त की रिकवरी के लिए इनके घर पहुंचे तब जाकर इन्हे अपने साथ हुए फ्रॉड का पता चला।

अब जबकि इन्हे लोन का पूरा पैसा मिला ही नही और जो फ्रॉड हुआ वो बैंक के जमा किए चेक के मध्यम से बैंक से हुई है, इसके बावजूद इन्हे लोन न पटाने पर इनके घर को कुर्की एवम बेदखल करने की प्रक्रिया बैंक द्वारा किया जाना इनके साथ नाइंसाफी है।

पीड़ित महिला ने इसकी गुहार जिला प्रशासन से कर मांग की है कि जब तक जांच प्रक्रिया पूरी नही हो जाती, कानून का कोई फैसला नही आ जाता तब तक उन्हे उस मकान से बेदखल न किया जाय अन्यथा उन्हे अपने दो बच्चो के भरण पोषण कर लालन पालन करने की बड़ी समस्या उसके सामने खड़ी हो जायेगी ।