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बिलासपुर

आदिवासी छात्रावास आश्रमों में कार्यरत कर्मचारियों को ग्रीष्मकालीन अवकाश देकर 2 महीनो के लिए घर बैठा दिया गया , कार्यरत कर्मचारियों के परिवारों में रोजी रोटी की समस्या हुई खड़ी

बिलासपुर । जिले के छात्रावास आश्रमों में पिछले 15 – 16 वर्षो से कार्यरत दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों को ग्रीष्म कालीन अवकाश के नाम पर छुट्टी दे दिया गया है।

आदिमजाति कल्याण कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष जगजीवन राम ने बताया कि जिले के समस्त छात्रावास आश्रम में कार्यरत दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को ग्रीष्म काल में छुट्टी के नाम से समस्त कर्मचारियों को बैठा दिया गया है, जबकि छात्रावास आश्रम में चाकीदार साफ-सफाई, देख-रेख अन्य कई प्रकार का काम रहते है।

हमारे कर्मचारी जो कि लगातार 15-16 वर्षो से निरंतर बच्चों को अपनी सेवाएं देते आ रहे है, इन्हीं में से आधे कर्मचारियों से काम लिया जा रहा है, जो कि ये कर्मचारी अधिकारियों के बंगले में ड्यूटी करते हैं, उन्हें काम से नहीं बैठाया जा रहा है। उनका ना हो वेतन में कोई कटौती हो रही है।

वही आदिवासी छात्रावास आश्रमों में काम कर रहे जिले के हमारे लगभग 250 कर्मचारियों को ग्रीष्मकालीन आवास दे कर 02 माह के लिए बैठा दिया गया है, और उनका हर माहिने एक दिन की सैलरी में भी कटौती किया जा रहा है।

उन्होंने यह भी कहा कि अन्य जिले में ऐसी कोई समस्या नही है कर्मचारियों को 12 महीने काम पर रखा जाता है व सैलरी दी जाती है लेकिन यहा ऐसा किया जा रहा है,हमारी कलेक्टर से मांग है कि हमें 12 माह कार्य पर रखने की सहानुभूतिपूर्वक विचार करें, अन्यथा 7 दिवस के अंदर हमारे संगठन के द्वारा मजबुरन कलेक्टोरेट कार्यालय का घेराव की जाएगी। जिसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी विभाग प्रमुख एवं शासन प्रशासन की होगी।