फील ग्रुप के डायरेक्टर प्रवीण झा ने पीवीआर में दिखाई पत्रकारों को ” द केरला स्टोरी “, पत्रकारों ने कहा कि इस तरह का धर्मान्तरण देशद्रोह है।

बिलासपुर। लव जेहाद पर बनी फिल्म “द केरेला स्टोरी” रविवार को पत्रकारों ने मैग्नेटो मॉल के PVR में देखी। पत्रकारों ने इस फिल्म को देख कर कहा कि इस तरह का धर्मांतरण देश द्रोह है, केंद्र एवम राज्य सरकार को तत्काल इस मामले को अपने संज्ञान में लेते हुए इसकी जांच करवानी चाहिए।

पत्रकारों ने कहा कि देश के किसी भी हिस्से में इस तरह का धर्म परिवर्तन देश द्रोह की श्रेणी में आता है। केंद्र एवम राज्य सरकारो को तत्काल इस मामले को संज्ञान में लेकर मामले की जांच करवानी चाहिए ताकि भविष्य में इस तरह की कोई भी घटना किसी भी धर्म की लड़कीयो के साथ न हो।
मेकर्स के अनुसार यह फिल्म लव जेहाद की सच्ची घटना पर आधारित है । कैसे केरला की एक नर्सिंग छात्रा को एक युवक झूठे प्यार के जाल में फसाकर धर्म परिवर्तन कराता है, और उसे धर्म परिवर्तन कराकर धर्म के नाम पर बर्गलाते हुए उसे सीरिया ले जाता है। जहां युवती को तरह तरह की यातनाओं का शिकार होना पड़ता है।

फिल्म के अंत में युवती को अहसास होता है कि उसे झूठे प्यार का नाटक कर फसाया गया है और वह अब बहुत बुरी तरह फस चुकी है। फिर वह वहा से निकलने का प्रयास करते हुए सयुक्त राष्ट्र संघ के सुरक्षा सेनाओं के हाथ लगती है। लेकिन सयुक्त राष्ट्र संघ की सेना भी उसे टेरेरिस्ट ही समझती है फिर वह उसे अपनी पूरी स्टोरी सुनती है। यही से फिल्म की शुरुआत भी होती है। लड़की की कहानी सुनकर सेना अधिकारीओ को उसकी बातो पर विश्वास तो होता है, लेकिन सारे सबूत लड़की के खिलाफ होने पर उसे जांच में सहयोग करने पर उसकी सजा कम करवाने की बात कहते है। यही फिल्म की एंडिंग हो जाती है।
इस फिल्म में मेकर ने बताया है कि यह फिल्म सच्ची घटना पर आधारित है , केरल के कुछ इलाकों में इस तरह की लव जेहाद व धर्म परिवर्तन की घटनाएं देखा गया है , जहा से लगभग 2800 से 31000 लड़किया आज तक गायब है।
इस दौरान फील ग्रुप के डायरेक्टर प्रवीण झा ने कहा की कुछ वर्ग विशेष के द्वारा सिक्रेट एजेंडा के तहत यह अनैतिक कार्य किया जा रहा है। इस फिल्म के माध्यम से उसे एक्सपोज किया गया है, कि किस तरह से पूरी प्लानिंग के साथ लड़कियों को बरगलाया जाता है, उसका ब्रेनवाश कर धर्म परिवर्तन कराया जाता है ।
झा ने कहा कि पत्रकारों को यह फिल्म दिखाने का उद्देश इस फिल्म की सच्चाई पत्रकार अपने कलम के माध्यम से दुनिया में उजागर करे ताकि आगे भविष्य में हमारी किसी बेटी को इस तरह की यातनाओं से न गुजरना पड़े।