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बिलासपुरराजनीति

वीडियो।बिजली सरप्लस स्टेट होने के बावजूद न्यायधानी में शहर की चरमराई विद्युत व्यवस्था से घंटों बिजली गुल : अमर अग्रवाल

बिलासपुर। शहर में लगातार बिजली की अघोषित कटौती को लेकर आज बीजेपी के कार्यकर्ताओ ने पूर्व मंत्री अमर अग्रवाल के नेतृत्व में सदर बाजार स्थित बिजली विभाग के दफ्तर का घेराव किया।

इस दौरान पूर्व मंत्री अमर अग्रवाल ने कहा कि बिजली विभाग की कंपनियों की लचर प्रणाली से जनता आक्रोशित हैं। बिजली सरप्लस स्टेट होने के बावजूद न्याय धानी बिलासपुर में शहर की चरमराई विद्युत व्यवस्था से घंटों बिजली गुल रहने और बिजली की आख मिचौली से नगरवासियों की नींद हराम हो गई है। लोगों की यह भी शिकायत है कि विद्युत विभाग में कर्मचारी फोन को व्यस्त रखते हैं जनता की समस्याओं के निराकरण के लिए कंप्लेन सिस्टम भी ठप्प पड़े रहता है।

ओवर बिलिंग की समस्या से आम नागरिक खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं।

खपत की तुलना हुआ बिजली बिल देखकर अनेको आम उपभोक्ता बिल एडजस्ट कराने ऑफिसो के चक्कर लगाने को मजबूर है। अनेको उपभोक्ताओं के पूर्व भुगतान का बकाया दिखाकर बिजली बिल हाफ की पात्रता से वंचित किया जा रहा है। बिजली बिल हाफ का वादा बिजली हाफ में करके दिया जा रहा है।

भरोसे की बात करके भरोसा लूटने वाले मुख्यमंत्री बिजली वितरण, पारेषण में लाइन लॉस और मेंटेनेंस को भी सही ढंग से अंजाम नहीं दे पा रहे हैं।

अकारण बिजली की दरों में बढ़ोतरी करके जनता के सामने झूठ परोसा जा रहा है। कंपनियों को होने वाले घाटे की आपूर्ति उपभोक्ताओं से पूरी की जा रही है। नये टेरिफ के मान से घरेलू उपभोक्ताओं को 100 यूनिट की खपत पर 10 रुपए अधिक देने पड़ रहे है। बिजली कंपनियों में व्याप्त भ्रष्टाचार और बिजली चोरी पर नियंत्रण नहीं होने से से उत्पादन महंगा हो रहा है जिससे लोगों को बिजली अधिक कीमत चुकानी पड़ रही है। 1 अप्रैल 2022 से मिस्टर भरोसेलाल की सरकार ने बिजली बिल हाफ की जगह विद्युत के टैरिफ में बढ़ोतरी कर दी। संसाधनों की उपलब्धता एवं अनुकूल परिस्थितियों के बाद भी बिजली चोरी से बढ़ते लाइन लास, उत्पादन, वितरण एवम प्रबंधन की खामियों को दूर किया जाए तो छत्तीसगढ़ में औसत 4 की कीमत पर भी बिजलियां उपभोक्ताओं को मिल सकती है, इस ओर सरकार के द्वारा कोई पहल नहीं की जा रही है।

विभाग की लचर व्यवस्था से लोगों को सही तरीके से बिजली आपूर्ति नहीं की जा रही है।

सुधार के नाम पर काम चलाऊ मरम्मत की परंपरा के चलते अब लंबे समय तक लाइट का चले जाना बड़ी समस्या बनने लगी है। विभाग के इस अव्यवस्था से जहां आमजन परेशान है वही व्यवसायी भी नाराज है। बारिश का मौसम आने पर परेशानी और भी ज्यादा भयावह होने लगती है। बिजली को इस आंख मिचौली से रोजमर्रा की जिंदगी पटरी से उतरने लगी है। लेकिन लगता नहीं बिजली विभाग इस समस्या से लोगों को निजात दिलाने को लेकर गंभीर है। शहर की बिजली व्यवस्था लम्बे समय से काम चलाऊ हिसाब में चलती रही है। चाहे झूलते तारों की बात हो या जर्जर ट्रांसफार्मरों की इन विषयों पर कमी विभाग संजीदा नजर नहीं आता।

सर्वागीण विकास हेतु विद्युत उपलब्धता महत्त्वपूर्ण आयाम है जो व्यक्ति विशेष के जीवन को बेहतर करता है।

छत्तीसगढ़ राज्य में अनुकूल परिस्थितियों संसाधनों की प्रचुरता से विद्युत क्षेत्र में तीव्र वृद्धि होने के बावजूद भी आम नागरिकों को विद्युत उपलब्धता से वंचित किया जाना पूर्णतया अनुचित है। प्रदेश में ग्रामीण विद्युतीकरण शत प्रतिशत है लेकिन ग्रामीण इलाको में बिजली गोल रहना आम बात है। शहरी क्षेत्रों में मेंटेनेंस की आड़ में बिजली कटौती की जारी है। ज्ञापन के माध्यम से भारतीय जनता पार्टी बिलासपुर द्वारा बिजली उपक्रम के हुक्मरानों से अपील की जाती है कि निर्वाध विद्युत आपूर्ति सेवा की सुचारू व्यवस्था के लिए व्यापक इंतजाम करें उपभोक्ताओं के सिर पर बढ़ते बिजली बिल का बोझ काम किया जाना चाहिए।

ओवर बिलिंग की समस्या से उपभोक्ताओं का शोषण बंद किया जाय। बिजली के उत्पादन होल्डिंग, वितरण, पारेषण की सुचारू व्यवस्था से निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुविधा सुलभ होनी चाहिए एवम सतत मरम्मत देखरेख का काम समयबद्ध किया जाए ताकि नागरिकों को होने वाली परेशानियों से निजात मिल सके, अन्यथा भारतीय जनता पार्टी बिलासपुर बिजली विभाग से नागरिकों को होनी वाली उपरोक्त परेशानियों से निजात दिलाने हेतु उग्र आंदोलन करेगी।