
बिलासपुर : जिले के पुलिस अधीक्षक संतोष सिंह अपने त्वरित कार्यवाही के कारण प्रदेश में अलग पहचान रखते है। यही पहचान उनकी दूसरो से अलग बनाती है।
रतनपुर मामले में भी वे त्वरित कार्यवाही कर पीड़िता को राहत दिलाने के रास्ते खोल दिए है। रतनपुर प्रकरण में विभिन्न संगठनों के ज्ञापन और मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी संतोष सिंह द्वारा मामले की संज्ञान लेते हुए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राहुल देव के नेतृत्व में संपूर्ण तथ्यों व घटनाक्रम की निष्पक्षता से जांच हेतु एक टीम गठित किया था। जिसने अपनी जांच रिपोर्ट कल पुलिस अधीक्षक को सौप दिया गया।
आज अदालत में लगी जमानत आवेदन पर पुलिस प्रतिवेदन के साथ मामले के विवेचक द्वारा एएसपी के जांच बिंदुओं को भी शामिल किया था, जिसमें मामले की संदेहिया को जमानत दिए जाने का पक्ष लिया गया।
पुलिस की तरफ से अभियोजन के वकील ने कोर्ट को मामले के जांच में प्रार्थी के आरोपों में विरोधभास पाया जाना बताया। उन्होंने पुलिस की तरफ से जमानत पर कोई आपत्ति होना नहीं बताया। मामला अभी कोर्ट में होने के कारण अभी जांच का डिटेल्स नहीं दिया जा रहा हैं।
जांच में कृष्णकांत सिंह, तत्कालिन टीआई रतनपुर की लापरवाही पाया गया है। रिपोर्ट आधार पर पुलिस अधीक्षक द्वारा कृष्णकांत सिंह को निलंबित कर दिया गया है।
यद्यपि कि जांच आदेशित करते ही कृष्णकांत सिंह को लाईन अटैच किया गया था। पृथक से पुलिस अधीक्षक द्वारा एसडीओपी सिद्धार्थ बघेल को जो उस समय थाने में उपस्थित थे, उनके द्वारा भी वरिष्ठ अधिकारियों को सम्पूर्ण तथ्यों की जानकारी से अवगत न कराने पर कारण बताओ नोटिस जारी किया जा रहा है।
