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बिलासपुरशिक्षा

डी.पी. विप्र महाविद्यालय के संस्थापक स्व.पं.रामनारायण शुक्ल जी की जयंती को महाविद्यालय ने “महिला सशक्तिकरण दिवस” के रूप में मनाया

बिलासपुर : डी.पी. विप्र महाविद्यालय के संस्थापक स्व. पं. रामनारायण शुक्ल जयंती की आज 95 वी जयंती को महाविद्यालय ने ” महिला सशक्तिकरण दिवस” के रूप में मनाते हुए विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य कर अपनी पहचान कायम करने वाली महिलाओं को मेमोन्टम एवम शॉल से सम्मान किया ।

इस अवसर पर कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. बंशगोपाल सिंह (कुलपति पं. सुंदरलाल शर्मा वि.वि. बिलासपुर) ने अपने उद्बोधन में कहा कि यह मेरे लिए विशिष्ट अवसर रहा कि छ.ग. आने पर डी.पी. विप्र महाविद्यालय के प्रशासन समिति के अध्यक्ष श्री रामनारायण शुक्ला जी से मेरी पहली बार मुलाकात हुई।

श्री शुक्ला जी एक कर्तव्यनिष्ठ ,जमीन से जुड़े हुए विद्वान व्यक्ति थे उसने विपरीत परिस्थितियों में भी संघर्ष जारी रखा और शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष कार्य किया उनका यह संघर्ष हमेंशा हमें प्रेरण देती रहेगी।

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे अनुराग शुक्ला (अध्यक्ष प्रशासन समिति) ने पं. रामनारायण शुक्ल जंयंती के अवसर पर विभिन्न क्षेत्रों में अपने उत्कृष्ट कार्यों से परचम लहराने वाले उत्कृष्ट महिलाओ को सशक्तिकरण सम्मान प्राप्त होने पर अपनी बधाईयां दी।

विशिष्ट अतिथि राजकुमार अग्रवाल (सदस्य- प्रशासन समिति) ने पं. रामनारायण शुक्ल जयंती के अवसर पर कहा कि शुक्ला जी द्वारा किये गये कार्य हमे कठिनाईयों में भी आगे बढ़ने की प्रेरणा देती है। उन्होंने शिक्षा को लोकतांत्रिक रूप से साहसिक निर्णय लेने में क्षमता विकसित करने की बात कही है।

संस्था के प्राचार्य डॉ. श्रीमती अंजू शुक्ला ने अपने उद्बोधन में पं. रामनारायण शुक्ल जी के व्यक्तित्व को बताते हुए कहा कि शुक्ल जी हमेशा महिला सशक्तिकरण के प्रति प्रोत्साहित करना तथा महिलाओें को आगे बढ़ने की प्रेरणा देते थे शुक्ला जी के कारण महाविद्यालय में कम्प्यूटर विभाग पूरे छ.ग. का सबसे उत्कृष्ट विभाग है। उन्होंने बताया कि हमारे महाविद्यालय को 46 गोल्ड मेडल मिल चुंका है।

इस अवसर पर डॉ. एम.एस. तंबोली द्वारा लिखी गई पुस्तक “लोक प्रशासन” का विमोचन अतिथियांे के द्वारा किया गया। नैक में ए ग्रेड मिलने पर शिक्षण समिति के अध्यक्ष अनुराग शुक्ला, राजकुमार अग्रवाल, सुभाष मिश्रा, जी.पी. कौशिक,अरूणा शुक्ला , नंदकिशोर तिवारी, शीला तिवारी, नरेंद्र कछवाहा, दिनेश पांडेय, सुरेंद्र पांडेय, प्रकाश नारायण शुक्ला, धीरेन्द्र मिश्रा, डॉ. अन्नू भाई सोनी, डॉ. विभा मिश्रा, डॉ. श्रीमती अंजू शुक्ला का सम्मान किया गया।

उत्कृष्ट महिला सशक्तिकरण सम्मान डॉ. श्रीमती सुनंदा तिजारे (पूर्व प्राचार्य डी.पी. विप्र महाविद्यालय), डॉ. संजना तिवारी (डायरेक्टर,संजीवनी हास्पिटल बिलासपुर) , श्रीमती सुलभाताई देशपांडेंय (समाजसेवा), श्रीमती दुर्गा किरण पटेल (पुलिस विभाग), श्रीमती उषा सोनी (पत्रकार), प्रो. किरण दुबे, प्रो. शिखा पाण्डेय, श्रीमती सृष्टि कांस्कर को शॉल, श्रीफल एवं प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. एम.एस. तंबोली एवं आभार प्रदर्शन डॉ. रीचा हाण्डा द्वारा किया गया।

कार्यक्रम को सफल बनाने में डॉ. मनीष तिवारी, प्रो. ए.श्रीराम आई.क्यू.ए.सी. प्रभारी, डॉ. विवेक अंबलकर, डॉ. एम.एल. जायसवाल, डॉ. आशीष शर्मा, डॉ. सुषमा शर्मा, डॉ. आभा तिवारी, प्रो. विश्वास विक्टर, डॉ. अजय यादव, श्री शैलेन्द्र तिवारी, प्रो. निधीश चौबे, प्रो. प्रदीप जायसवाल, प्रो. रूपेन्द्र कुमार, प्रो. ज्योति तिवारी, अविनाश सेठी, एस.आर. चंद्रवंशी, लक्की यादव, वीरेन्द्र साहू, जित्तू ठाकुर, गोविन्द सेठी, शिवा गेंदले, आशीष चतुर्वेदी, चित्रकांत निरडवार, परिवेश दीवान, विकास सिंह, उमेश साहू, बृजेश बोले, बलराम जायसवाल, हिमेश साहू, मनोज मेंसराम, अरूण नथानी, यश मिरानी, सुरेन्द्र अहिरवार, सचिन सूर्या, सन सूर्या, नीरज गोस्वामी, विक्रान्त श्रीवास्तव, प्रवीण देवांगन तथा यजूर तिवारी का सराहनीय योगदान रहा।