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बिलासपुर

छ.ग. स्वास्थ्य फेडरेशन ने 40 हजार स्वास्थ्य कर्मचारीयों के साथ मुख्यमंत्री आवास का किया घेराव। बरसते पानी में भी दिखा आंदोलनकारियों का जोश “मांगे पूरी नही होने तक जारी रहेगा आंदोलन” : डॉ इकबाल हुसैन

रायपुर/बिलासपुर। छ.ग. हैल्थ फेडरेशन के द्वारा अपनी 5 सूत्रीय मांगों को लेकर 21 अगस्त 2023 से अनिश्चितकालीन जिला स्तरीय हड़ताल किया जा रहा है, दो दिवसीय जिला मे धरना प्रदर्शन के बाद आज प्रदेश भर के 40 हजार कर्मचारीयों द्वारा राजधानी में मुख्यमंत्री के आवास का घेराव किया गया।

स्वास्थ्य कर्मचारी संघ द्वारा मुख्यमंत्री आवास के घेराव कार्यक्रम को लेकर पुलिस प्रशासन पहले से ही चौकन्ना थी और मुख्यमंत्री के निवास के बहुत पहले ही आंदोलनकारियों को भारी पुलिस बल एवम बेरिकेट्स लगाकर रोक दिया गया। इस बीच आंदोलनकारियों एवम पुलिस बल के बीच हल्के फुल्के झूमा झपटी भी देखी गई । आंदोलनकारी लगातार अपनी मांगो को लेकर नारे लगाते रहे।

इधर राज्य शासन द्वारा स्वास्थ्य कर्मचारीयों के हड़ताल पर एस्मा लगा दिया गया है। उसके बाद प्रदेश भर के कर्मचारी प्रांतव्यापी आंदोलन के लिए हजारो कि संख्या मे राजधानी रायपुर पहुचकर अपनी मांगो के लिए आवाज बुलदं कर रहे है।

छ.ग. स्वास्थ्य फेडरेशन के पदाधिकारी डॉ इकबाल हुसैन एवं टारजन गुप्ता ने बताया कि सरकार का स्वास्थ्य कर्मचारीयों से चर्चा न करना इस बात का संकेत है कि वो अपनी झूठे वादे एवं झूठे घोषणापत्र के कारण सामना करने से कतरा रही है।

फेडरेशन के पदाधिकारी डॉ कमलेश इजारदार डॉ रीना राजपूत और सुमन शर्मा ने बताया कि अगर वेतनविसंगति की मांग जब तक पूरा नही होगा तब तक अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी रहेगा, अब देखना यह है कि कोरोना महामारी के संकटकाल मे सेवा देने वाले कर्मचारीयों पर सरकार फूल बरसाई थी, लेकिन अब क्या लाठी भी बरसाएगी?

फेडरेशन के पदाधिकारी प्रवीण ढीडवंशी ,श्रीमती देवाश्री साव ने कहा कि विभाग के आला अधिकारी भी इस समस्या से अवगत है कि स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी अधिकारी किन परिस्थितियों मे कार्य करते है, प्रदेश के चिकित्सकों, नर्सिंग स्टाफ एवं ग्रामीण स्वास्थ्य संयोजको के हजारों पद रिक्त है जिनका भार कार्यरत कर्मचारीयों पर पड़ रहा है, स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारीयों को सरकार से बात करनी चाहिए कि इनकी मांगे जायज है और पूरी करने से स्वास्थ्य विभाग कि कार्यशैली और अधिक गुणवत्ता पूर्ण होगी ।

सरकार जनता से वाहवाही लूटने के लिए नये नये योजनाएं तो ला रही है मगर मानव संशाधन कि आवश्यकतानुरूप भर्तीयां नही कर रही है। जिसके कारण स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी अधिकारी बीपी शुगर जैसे बीमारीयों का शिकार हो रहे है ।