शास.बालक उच्च.मा.विद्यालय सरकंडा की विवादित व्याख्याता पूर्णिमा मिश्रा का लिंगियाडीह किया गया स्थानांतरण, विधायक से की थी प्राचार्य की झूठी शिकायत, एनएसयूआई के प्रदेश सचिव लक्की मिश्रा व विवेक साहू द्वारा कलेक्टर से शिकायत के बाद हुई कार्यवाही

बिलासपुर। शास.बालक उच्च. मा. विद्यालय सरकंडा की विवादित व्याख्याता पूर्णिमा मिश्रा का सरकंडा स्कूल से हटा कर शासकीय हाई स्कूल लिंगियाडीह कर दिया गया है।
ज्ञात हो कि व्याख्याता श्रीमती पूर्णिमा मिश्रा द्वारा विधायक शैलेश पांडेय के पास दिनांक 18 जुलाई 2023 को स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट हिन्दी माध्यम शास.बालक उच्च. मा. विद्यालय सरकंडा, बिलासपुर की प्राचार्य की झूठी शिकायत की गई थी। जिसमें स्कूल के बच्चों एवं उनके पालकों के फर्जी हस्ताक्षर भी किए गए थे। कुछ बच्चों से आवेदन भी लिखवाकर शिकायत पत्र के साथ दिया गया था।
जैसे ही स्कूल प्रबंधन को इस शिकायत की जानकारी हुई उन्होंने शाला विकास एवं प्रबंधन समिति के समक्ष जांच की और स्कूल के बच्चों एवं उनके पालकों से जानकारी लेते हुए पंचनामा बनाया गया। स्कूल की छात्राओं ने श्रीमती पूर्णिमा मिश्रा द्वारा आवेदन लिखवाने की बात स्वीकार की एवं उनके पालकों ने अपने हस्ताक्षर को फर्जी बताया।
चूंकि विधायक को प्रेषित शिकायत पत्र हस्तलिखित था जिसकी हैंड राइटिंग श्रीमती पूर्णिमा मिश्रा की हैंड राइटिंग से मिलती है। इन सभी तथ्यों से श्रीमती पूर्णिमा मिश्रा द्वारा झूठी शिकायत करना प्रमाणित हुआ।
जिसके बाद 26 जुलाई को स्कूल की प्राचार्य श्रीमती चंद्रवती वैश्य ने जिला शिक्षा अधिकारी बिलासपुर को श्रीमती पूर्णिमा मिश्रा की जांच संबंधी शिकायत पत्र प्रेषित किया। जिसमें इस बात का भी उल्लेख है कि पूर्णिमा मिश्रा द्वारा शासकीय दस्तावेजों की फोटो ली जाती है एवं वीडियो बनाया जाता है। इसके बाद लगातार स्कूल में अव्यवस्था फैलाने से तंग आकर स्कूल की शाला प्रबंधन एवं विकास समिति ने प्रमुख सचिव के नाम से जिला शिक्षा अधिकारी बिलासपुर के माध्यम से श्रीमती पूर्णिमा मिश्रा के प्रशासनिक स्थानांतरण के लिए पत्र लिखा है।
श्रीमती पूर्णिमा मिश्रा पर झूठी शिकायत करने, फर्जी हस्ताक्षर करने, स्कूल के बच्चों को प्राचार्य के विरुद्ध उकसाने, प्राचार्य के विरुद्ध षडयंत्र करने, शासकीय दस्तावेजों की फोटो लेने, स्कूल की छवि खराब करने जैसे गंभीर आरोप लगे है।
•श्रीमती पूर्णिमा मिश्रा द्वारा नवंबर 2015 में अपने पूर्व संस्था की प्राचार्य पर भी षडयंत्र करके झूठे आरोप लगाए गए थे•
श्रीमती पूर्णिमा मिश्रा जब महारानी लक्ष्मीबाई शास.उच्च. मा. वि.,बिलासपुर में पदस्थ थी तो उस समय की तत्कालीन प्राचार्य श्रीमती ए.ए. त्रिवेदी के विरुद्ध भी श्रीमती पूर्णिमा मिश्रा ने षडयंत्र करते हुए कई तरह के आरोप लगाए थे । उस समय भी स्कूल की छात्राओं से धरना करवा कर समाचार पत्रों के माध्यम से विद्यालय की छवि धूमिल की गई थी। श्रीमती पूर्णिमा मिश्रा के विरुद्ध स्कूल के प्राचार्य ,समस्त स्टॉफ समेत स्कूल की शाला प्रबंधन एवं विकास समिति ने भी शिक्षा विभाग के उच्च अधिकारियों को पत्र प्रेषित किया था।
जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय से जब अधिकारी स्कूल जांच करने आए थे तो श्रीमती पूर्णिमा मिश्रा ने जांच अधिकारी को आत्मदाह की धमकी देकर स्कूल से भगा दी थी जिसकी खबरें समाचार पत्रों में भी प्रकाशित हुई थी।
श्रीमती पूर्णिमा मिश्रा ने नवंबर 2015 में महारानी लक्ष्मीबाई शासकीय स्कूल की प्राचार्य और जुलाई 2023 में स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट हिन्दी माध्यम शास. बालक उच्च. मा. विद्यालय सरकंडा, बिलासपुर की प्राचार्य को एक जैसे तरीके से छात्रों का उपयोग करके फसाने की कोशिश की है।
एनएसयूआई के प्रदेश महासचिव लक्की मिश्रा एवं विवेक साहू ने विवादित व्याख्याता श्रीमती पूर्णिमा मिश्रा को जिला से बाहर स्थानांतरित करने एवम उन पर अनुशासनात्मक कार्यवाही की मांग शासन से की थी।
इस पूरे मामले का प्रमाणित दस्तावेजों के साथ एनएसयूआई के छात्र नेता लक्की मिश्रा एवम विवेक साहू ने छात्र हित को सर्वोपरि बताते हुए 24 अगस्त को एक आवेदन कलेक्टर एवं प्रतिलिपि जिला शिक्षा अधिकारी को सौपा था।
जिस पर जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा तत्काल एक्शन लेते हुए 24 अगस्त को ही शिक्षिका को हटाने का आदेश जारी कर श्रीमती पूर्णिमा मिश्रा को बालक सरकंडा स्कूल से हटा दिया गया है। छात्र नेताओं ने कहा कि यह एनएसयूआई एवम छात्रों की जीत है। एनएसयूआई छात्र हित की लड़ाई आगे भी इसी तरह लड़ता रहेगा।
आदेश.
