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छत्तीसगढ़रायपुर

वीडियो।स्वास्थ्य कर्मियों ने अपनी मांगो को लेकर आज किया जल सत्याग्रह। 4500 कर्मचारीयों के बर्खास्तगी एवं निलंबन के बाद भी आज 20वे दिन आंदोलन जारी

रायपुर। स्वास्थ्य फेडरेशन का अनिश्चितकालीन हड़ताल को आज 20 दिन हो गए है पर हड़ताल किसी निर्णय पर नही पहुंच पाया है। जनता को स्वास्थ्य सेवाओं के लिए काफी परेशानियों से गुजरना पड़ रहा है। जिसके कारण अब समाजिक संगठन, युवा संगठन समाज सेवी संस्थाए और राजनैतिक संगठनो ने भी मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री को पत्र लिखकर हड़ताल का जल्द निराकरण कर स्वास्थ्य सेवाएं बहाल करने गुहार लगा रहे है। साथ ही बर्खास्त एवं निलंबित कर्मचारीयों को काम पर वापस लेने की भी मांग उठी है।

ऐसे मे देखने वाली बात यह है कि अब हड़ताल का निराकरण किसके द्वारा होगा । स्वास्थ्य मंत्री से फेडरेशन के प्रतिनिधिमंडलो कि दो बार चर्चाऐ विफल रही है। अब फेडरेशन के पदाधिकारीयों की भी अंतिम उम्मीदें मुख्यमंत्री  है ।

इधर स्वास्थ्य फेडरेशन के आंदोलनकारियों के प्रति प्रशासन का कार्यवाही रूकने का नाम  नही ले रहा है। प्रतिदिन सैकड़ों स्वास्थ्यकर्मियों पर प्रशासन द्वारा बर्खास्तगी की कार्यवाही की जा रही । वही दूसरे तरफ प्रशासनिक पदों पर पदस्थ चिकित्सक भी हड़ताल मे शामिल हो रहे हैं। अब कार्यवाही के बावजूद आंदोलन कि स्थिति टूटने के बजाय अधिक आकामक होते जा रही है।  स्वास्थ्य कर्मचारीयों ने इस बार आर-पार की लड़ाई का मन बना लिया है। 4500 कर्मचारीयों पर कार्यवाही के बाद भी अनेक जिलो से चिकित्सक, स्टाफ नर्स एवं ग्रामीण स्वास्थ्य संयोजक आंदोलन में लगातार शामिल हो रहे है।

हेल्थ फेडरेशन द्वारा आज जल सत्याग्रह कर शासन को संदेश देने का कोशिश किया है कि गांधी के इस देश मे गांधीवादी तरीके से हम गांधी की पार्टी वाली सरकार को यह एहसास जरूर दिलाएंगे कि हमारी मांगे जायज है और हमसे चर्चा कर इसका निराकरण जरूर करें । आंदोलनकारियों ने कहा की आने वाले समय मे जल सत्याग्रह के बाद जल समाधि लेकर आमरण अनशन भी करेंगे।

स्वास्थ्य मंत्री  कि कार्य मे वापस जाने कि अपील पर चर्चा करने गए प्रतिनिधि मंडलों से वार्ता का निष्कर्ष नही निकल पाया है।  जिसके कारण ओपीडी, प्रसव, एमएलसी, पोस्टमॉर्टम, टीकाकरण, मिशन इन्द्रधनुष एवं शिशु संरक्षण माह जैसी जरूरी एवं आवश्यक सेवाएं लगातार ढप पड़ी हुई है।