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बिलासपुर

पटवारी ने किसान की जमीन को चढ़ाया गलत नाम में, किसान को अपनी जमीन वापस पाने में लग गए 2 साल

बिलासपुर। राजस्व विभाग के पटवारियों की फर्जीवाड़ा किसी से छुपी नही है, आए दिन इनके फर्जीवाड़ा की खबर हम सुनते रहते है। साथ ही बिना पैसों के लेन देन के यहां कोई काम कराना टेढ़ी खीर है। यदि आप उनकी मांग के अनुसार पैसा नही देते तो आप शारीरिक मानसिक एवम आर्थिक रूप से प्रताड़ना के शिकार हो जाते है।

ऐसा ही एक मामला मस्तूरी क्षेत्र के ग्राम सुलौनी निवासी भुवन लाल साहू पिता मालिक राम साहू का देखने को मिला। जो कि एक ड्राइवरी का काम करते है। उनकी जमीन ख. नं. 148 को तात्कालिक ह. नं. 45 पटवारी शैलेन्द्र टण्डन (सन् 21-22) द्वारा फर्जीवाड़ा कर “भरत” के नाम पर चढ़ा दिया गया । जिसकी जानकारी उसे सन् 2022 में हुई।

जब उस भूल सुधार को ठीक करवाने गए तो पटवारी उसे नियम कानून का हवाला देकर सुधारे ही नही। इस बीच उन्होंने जिस किसान के नाम पर जमीन चढ़ी थी उससे भी आवेदन लिखा कर दे दिया की रिकार्ड में चढ़ी जमीन उसकी नही है।

फिर भी राजस्व विभाग के अधिकारी उसे लगभग 2 सालो तक नियम कानून का हवाला दे कर घूमाते रहे। आज 2 साल बाद बड़ी मुश्किल से उनकी जमीन उन्हे वापस मिल सकी।

किसान ने तात्कालिक पटवारी शैलेंद्र टंडन पर फर्जीवाड़ा कर शारीरिक, मानसिक एवम आर्थिक रूप से प्रताड़ित करने का आरोप लगाते हुए कहा की उसने जानबूझकर पैसो की लालच में मेरा जमीन को किसी अन्य के नाम पर चढ़ाया। जिसे सुधरवाने के नाम पर पैसे की मांग करता रहा। लेकिन मैं इतना सक्षम नही हूं की उसे उतना पैसा दे सकता इसलिए वे मुझे इस तरह प्रताड़ित करते रहे। मुझे अपनी जमीन पाने में 2 साल लग गए । इन 2 सालो में मेरे 50 हजार से 1 लाख तक खर्च हो गए, मानसिक भी बहुत परेशान रहा।

उन्होंने पटवारी की इस मनमानी के लिए शासन से कार्यवाही की मांग करते हुए अपनी आर्थिक एवम मानसिक क्षति की भरपाई की मांग की है।