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बिलासपुरशिक्षा

•डी.पी. विप्र महाविद्यालय के स्वायत्तशासी समिति के अध्यक्ष राजकुमार अग्रवाल ने अटल यूनिवर्सिटी के कुलपति एडीएन बाजपाई पर छात्रों को भ्रमित करने का लगाया गंभीर आरोप, •विश्वविद्यालय अनुदान आयोग, दिल्ली ने डीपी महाविद्यालय को स्वायत्तशासी महाविद्यालय का किया दर्जा प्रदान

बिलासपुर। अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय से संबंद्ध डी.पी. विप्र महाविद्यालय बिलासपुर को दूसरी बार राष्ट्रीय मूल्यांकन प्रत्यायन परिषद बैंगलोर द्वारा लगातार “ए” ग्रेड प्राप्त होने वाला छत्तीसगढ़ का एक मात्र निजी महाविद्यालय है।

जिसे मानव संसाधन भारत सरकार के विश्वविद्यालय अनुदान आयोग नई दिल्ली द्वारा F-2-10/2023 दिनांक 19.01.2024 के माध्यम से दस शैक्षणिक सत्र (2024-25 से 2033-34 तक) हेतु स्वायत्त महाविद्यालय का दर्जा प्रदान किया गया है। यह महाविद्यालय छत्तीसगढ़ का प्रथम निजी महाविद्यालय है, जिसे स्वायत्त घोषित किया गया है।

यह समाचार छत्तीसगढ़ के शिक्षा जगत, छात्रों, पालकों, बुद्धिजीवियों एवं आम नागरिकों के लिए अत्यंत हर्ष और गौरव का विषय था। बिलासपुर के शैक्षणिक वातावरण में एक आत्म विश्वास की भावना जागृत हुई, जिसे समस्त वर्गों द्वारा स्वागत किया गया।

लेकिन इसी बीच एनएसयूआई के छात्र नेताओं के मध्यम से तथा अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय के कुलपति के मध्यम से यह जानकारी सामने आई कि डीपी महाविद्यालय को स्वायत्तशासी महाविद्यालय की घोषणा नही की गई है। जिसके बाद लोगो में भ्रम व्याप्त हो गया और छात्र भी इस बात को लेकर संशय जाहिर करने लगे।

जिसे लेकर आज डीपी विप्र विद्यालय के स्वयत्व समिति के अध्यक्ष राजकुमार अग्रवाल ने प्रेसवार्ता कर मीडिया के सामने यह स्पष्ट करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय अनुदान आयोग की अनुमति मिलने के बाद विश्विद्यालय के आदेश की आवश्यकता नही होती ।

उन्होंने कुलपति पर आरोप लगाते हुए कहा कि द्वारा पत्र क्र. 107/अका./2024 दिनांक 20.02.2024 के द्वारा महाविद्यालय को पत्र लिखकर विश्वविद्यालय अनुदान आयोग नई दिल्ली जैसे उच्चतम संस्थाओं के निर्देशों का पालन न करने का अवैधानिक निर्देश दिया है जो स्वयं में अनुशासनहीनता और अवैधानिक है ।

उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय अनुदान आयोग नई दिल्ली ने अपने पत्र में विश्वविद्यालय से न अनुरोध किया है, न प्रस्तावित किया है, न अभिमत मांगा है बल्कि, अंतिम निर्णय के रूप में महाविद्यालय को स्वायत्त होने के निर्णय देकर तदानुरूप कार्यवाही का निर्देश दिया है। जबकि कुलपति द्वारा आपत्ति कर उच्च संस्था के अधिकारों का हनन कर अनुशासन हीनता का कृत्य किया गया है,भारत सरकार के राज पत्र में प्रकाशित स्वायत्त महाविद्यालय संबंधी नियमों को नियम 4.2 में यह स्पष्ट है कि मूल विश्वविद्यालय को विश्वविद्यालय अनुदान आयोग द्वारा महाविद्यालय को स्वायत्त दर्जा प्रदान करने के 30 दिनों के भीतर अधिसूचना जारी करना है। कुलपति का यह कृत्य भारत सरकार के राजपत्र के नियमावली का विरोध कर गंभीर अनुशासनहीनता की श्रेणी में आता है।

उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ शासन उच्च शिक्षा विभाग मंत्रालय महानदी भवन नवा रायपुर अटल नगर के आदेश क्र./एफ 17-90/ 2024/38-2 नवा रायपुर अटल नगर दिनांक 20 जून 2024 को समस्त प्रपत्रों एवं तथ्यों की जांच परख कर शासकीय प्रतिनिधि का मनोनयन किया है जिसमें डॉ. तपेशचन्द्र गुप्ता प्राध्यापक, वाणिज्य शासकीय योगानंदम् छत्तीसगढ़ महाविद्यालय रायपुर को राज्य शासन द्वारा डी.पी. विप्र महाविद्यालय के स्वशासी प्रशासन समिति हेतु अपना प्रतिनिधि मनोनीत किया है। इसके साथ ही भारत के राजपत्र अनुसार महाविद्यालय के द्वारा समस्त संविधिक निकायों यथा प्रशासन समिति, अकादमिक परिषद, अध्ययन मंडल एवं वित्त समिति में सभी संस्थाओं के द्वारा नामित कर दिया गया है, केवल अटल बिहारी वाजपेयी विश्व विद्यालय द्वारा उपरोक्त निकायों में नामित न देकर महाविद्यालय के स्वायत्ता हेतु बाधा डालने का प्रयास किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय अनुदान आयोग अधिनियम 1954 का नियम क्र. 14 का अवलोकन करने पर यह स्पष्ट है कि विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के आदेशों का पालन न करने एवं निर्देशों की अवहेलना करने पर अनुदान आयोग अनुशासनहीनता मानकर विश्वविद्यालय का अनुदान बंद कर सकता है जिसके अंतर्गत आपके इन प्रयासों से विश्वविद्यालय का अनुदान पर रोक लगाई जा सकती है जो बिलासपुर जैसे शिक्षा जगत में विकासशील क्षेत्र के लिए अपूरणीय क्षति होगी जिसके जिम्मेंदार आप होंगे क्योंकि आपके द्वारा छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है।

श्री अग्रवाल ने कुलपति एडीएन बाजपाई पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि विगत लंबे समय से डी.पी. विप्र महाविद्यालय प्रतिकूल परिस्थितियों से संघर्ष करते हुए क्षेत्र के छात्रों, युवाओं को निरंतर, श्रेष्ठतर शिक्षा उपलब्ध कराने के संकल्प की ओर अग्रसर है तथा यह क्रम सतत् जारी रहेगा। कुलपति श्री ए.डी.एन. वाजपेयी द्वारा भारत सरकार के नवीन शिक्षा नीति 2020 छत्तीसगढ़ शासन रायपुर एवं विश्वविद्यालय अनुदान आयोग नई दिल्ली के आदेशों का विरोध कर बिलासपुर के छात्रों को उक्त शिक्षा नीति से विमुख रखने का कुत्सित षडयंत्र है, जिसे क्षेत्र के जनता के लिये, हम उजागर कर रहे हैं।