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बिलासपुरशिक्षा

छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री अरुण साव से डी. पी. विप्र महाविद्यालय स्वायत्तशासी के अध्यक्ष राजकुमार अग्रवाल एवं प्राचार्य डॉ. (श्रीमती) अंजू शुक्ला ने मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा

बिलासपुर । स्थानीय डी .पी. विप्र महाविद्यालय के प्रशासन समिति के वरिष्ठ सदस्य राजकुमार अग्रवाल प्राचार्य डॉ. (श्रीमती) अंजू शुक्ला के साथ डॉ. एम.एस. तम्बोली तथा डॉ. आभा तिवारी, एलुमिनी कमेटी एवं छात्र संघ के गोविन्द सेठी, शिवा गेंदले, आशीष चतुर्वेदी, चित्रकांत निरडवार, विकास सिंह, मनीष मिश्रा, उमेश साहू, बृजेश बोले, बलराम जायसवाल, हिमेश साहू, मनोज मेंश्रराम, अरूण नथानी,यश मिरानी, सुरेन्द्र अहिरवार, सचिन सूर्या, सन सूर्या, नीरज गोस्वामी, यजूर तिवारी का एक प्रतिनिधि मंडल छत्तीसगढ़ शासन के उपमुख्यमंत्री अरुण साव के निवास स्थान रायपुर में मिलकर ज्ञापन सौंपकर विश्वविद्यालय के कुलपति श्री ए.डी.एन बाजपेई द्वारा नियम विरूद्ध कार्य करने और छत्तीसगढ़ एवं शिक्षा विरोधी कदमों से अवगत कराया।

ज्ञात हो कि अटल बिहारी बाजपेई वि.वि. के कुलपति के द्वारा भारत के प्रधान मंत्री माननीय श्री नरेंद्र मोदी के नई शिक्षा नीति का विरोध करते हुए नैक से दो बार ‘ए‘ ग्रेड डी.पी. कॉलेज को आटोनॉमस के लिए अधिसूचना 30 दिवस में जारी किया जाना था ।परन्तु बिना कारण नहीं देने का मन बना लिया है। जो की नई शिक्षा नीति का घोर उल्लंघन है।

अरुण साव उपमुख्यमंत्री छत्तीसगढ़ शासन ने इस मामले पर गंभीरता पूर्वक संज्ञान में ले कर डी.पी. कॉलेज को स्वायत्तता संबंधी अधिसूचना जारी नहीं करने के संबंध में माननीय राज्यपाल को पत्र लिखकर पूर्ण रूप सहयोग करने की बात कही।

साथ ही उपमुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ के नैक द्वारा दो बार ‘ए‘ग्रेड प्र्रदत्त किसी भी निजी महाविद्यालय में डी.पी. विप्र महाविद्यालय एक मात्र है।