कोई भी संसाधन युक्त महापुरुष नही बन सकता, जो अपनी सोच को लेकर आगे बढ़ा ,वही महान बना है – विधायक: अमर अग्रवाल शासकीय जमुना प्रसाद वर्मा महाविद्यालय में दीक्षारंभ उत्सव मनाया गया

बिलासपुर। शासकीय जमुना प्रसाद वर्मा महाविद्यालय में आज दीक्षारंभ उत्सव मनाया गया। जिसमे मुख्य अतिथि के रूप में नगर विधायक अमर अग्रवाल शामिल हुए।

कार्यक्रम की शुरुआत सरस्वती पूजन से की गई तत्पश्चात स्वागत भाषण देते हुए महाविद्यालय के प्राचार्य एसएल निराला ने कहा की नई शिक्षा नीति विद्यार्थी को रोजगारोन्मुख बनाने वाली है ,आने वाले भविष्य की चिंता करते हुए यह पाठ्यक्रम बनाया गया है। सरकार हर किसी को शासकीय नौकरी नही दे सकती । इसलिए जरूरी है की हमारी शिक्षा नीति ऐसी हो जिससे हम आगे बड़ सके। उन्होंने छात्र छात्राओं से कहा कि.. यू ही मंदिर का पुजारी कब तक बने रहोगे.. अब भगवान बन.।

वही मुख्य अतिथि नगर विधायक अमर अग्रवाल ने छात्र छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि वर्षो से मैं इस कॉलेज में आता रहा सामान्यता वार्षिक उत्सव में बुलाते थे लेकिन यह पहली बार ऐस हुआ है कि मुझे महाविद्यालय ने दीक्षारंभ के कार्यक्रम में बुलाया।

उन्होंने कहा कि इस सत्र से नई शिक्षा नीति का प्रारंभ होने जा रहा है , जिसके अंतर्गत यह कार्यक्रम संचालित हो रही है । 2020 में यह नीति बनी देश के शिक्षा विद, स्टूडेंट, दुनिया की शिक्षा नीतियों का अध्यन करने के बाद दो ढाई सालो के मेहनत के बाद यह नई शिक्षा नीति लागू की गई है। समय के साथ चीजे बदलती है, समय परिवर्तनशील है , हमे भी उनके साथ चलना होगा। तभी तो सार्थक परिणाम आएंगे। 1986 की शिक्षा नीति आज तक लागू थी इन 37 सालो में अब कई चीजे बदल गई है। आज नई शिक्षा नीति लागू करने की आवश्यकता थी ।

उन्होंने कहा कि आज ग्लोबलाइजेशन के युग में हमें भी उनके साथ चलना होगा । नही तो विकसित भारत का निर्माण कैसे होगा। सफलता के लिए एक योजना एक नीतियां बनानी पड़ती है। 1947 में हम आजाद हुए थे 2047 में आजादी के 100 हो जायेगा। इन 100 सालो में हमे देश को विशिष्ट राष्ट बनाना है।
श्री अग्रवाल ने कहा कि आज पूरी दुनिया में भारत देश युवाओ का देश है। इसी आधार पर दुनिया यह मानती है कि आने वाले समय में यह देश विकसित राष्ट के रूप में विकसित होगा। युवाओ के ऊर्जा को कैसे संचित करना है, सम्पूर्ण ऊर्जा देश के विकास में कैसे लगे । इसके लिए काम करने की जरूरत है ,यही चुनौतियां है।
उन्होंने कहा कि नई शिक्षा प्राणी में है क्या? अन्य विषयो की जानकारी हमे कैसे हो? भारतीय मूल्यों का समावेश कैसे हो? वास्तव में इस शिक्षा नीति के मध्यम से विकसित राष्ट के रूप में आगे बड़ना है। कॉलेज पढ़ने के पहले ही 70% से 80% छात्र ड्राप आउट हो जाते है। आप भाग्यशाली है जो 20 % में आज कॉलेज जा रहे है, समाज में जागृति चाहिए । आज दुनिया की सबसे बड़ी समस्या है, वह अन एम्प्लॉयमेंट है। सरकार अवसर दे सकती है यह हमारा विषय है, हमे सोचना है इसका मध्यम शिक्षा है। हमारी इरादे अगर मजबूत हो तो आर्थिक आड़े नही आता। कोई भी संसाधन युक्त महापुरुष नही बन सकता। जो अपनी सोच को लेकर आगे बढ़ा है वही महान बना है। 3%लोग ही आज शासकीय नौकरियों में है, 97% लोगो के पास सरकारी नौकरियां नहीं है। इसलिए सरकार को एसी नीति बना था जिससे सबको रोजगार के अवसर मिले। यही नई शिक्षा नीति में है। 2047 विकसीत भारत का निर्माण करना है। आप सभी ने कॉलेज आ कर अपने इस यात्रा की शुरुआत की है।
कार्यक्रम के अंत में डॉक्टर दीपा शिखा शुक्ला ने अतिथियों व छात्र छात्राओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि दीक्षा आरंभ कार्यक्रम का अर्थ है कि आप नई संस्कार लेकर निकले, नई शिक्षा नीति हमे यह शिक्षा देती है कि हम अध्यन के साथ संस्कारवान भी बने , भारतीय मूल्यों के महत्व को समझे। धन्यवाद !अभिनंदन!! आप सभी ने आज के कार्यक्रम को अवलोकित व प्रकाशित किया है।
कार्यक्रम में विशिष्ठ अतिथि के रूप में विभागाध्यक्ष डॉक्टर के.के भंडारी, पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष शैलेंद्र यादव उपस्थित रहे।।कार्यक्रम का सफल संचालन प्रोफेसर संजय तिवारी ने किया।कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र छात्राएं एवम महाविद्यालय के समस्त प्रधायापगण उपस्थित रहे।