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बिलासपुरशिक्षा

प्रसिद्ध कत्थक नृत्यांगना अश्विनी सोनी ने दी डी .पी. विप्र महाविद्यालय में मनमोहक प्रस्तुति

बिलासपुर । नगर के प्रसिद्ध डी.पी. विप्र महाविद्यालय में ‘स्पीक मैके’ के तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में अंतराष्ट्रीयं ख्यति प्राप्त कथक नृत्यांगना अश्वनी सोनी ने अपने  नृत्य की प्रस्तुती दी।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में श्रीमती सुमीता शुक्ला, गीतांजली तिवारी, बिलासपुर स्पीक मैके के अध्यक्ष, आशीष खण्डेलवाल, स्पीक मैके, संयोजक, कत्थक नृत्यांगना अश्विनी सोनी, प्रभारी प्राचार्य डॉ. एम.एस. तम्बोली उपस्थित रहे।

इस दौरान कार्यक्रम के मुख्य अतिथि गीतांजली तिवारी ने अपने उद्बोधन में कहा कि विलुप्ती के कगार पर अग्रसर हो रही भारतीय शास्त्रीय कलाओं को पुर्नजीवित कर भारतीय संस्कृति को बढ़ावा देना स्पीक मैके का मुख्य लक्ष्य है, जो भारतीय शास्त्रीय संगीत, शास्त्रीय नृत्य, लोक संगीत, योग, ध्यान, शिल्प और भारतीय संस्कृति के अन्य पहलुओं को बढ़ावा देकर भारतीय सांस्कृतिक विरासत के अमूर्त पहलुओं को बढ़ावा देता है। विश्व के 300 से अधिक शहरों में अपनी परचम स्थापित कर इस संस्था के द्वारा महाविद्यालय में कत्थक नृत्य की प्रस्तुति की गई।

कत्थक नृत्यांगना अश्विनी सोनी ने नृत्य प्रस्तुती के साथ-साथ महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं को शास्त्रीय नृत्य के गुर सिखाये तथा नृत्य संबंधी बारीकियां बतलाते हुए कहा कि भारतीय शास्त्रीय नृत्य एवं कलाएं गहरे स्तर पर अध्यात्म से प्रभावित रहा है, इसकी शुरूआत मनुष्य जीवन के अंतिम लक्ष्य, आत्मानुभव से मोक्ष की प्राप्ति रहा है, यही कारण है कि भारतीय मनीषियों ने इसे पंचम वेद की संज्ञा दी है।

प्राचार्य एम.एस. तम्बोली ने अपने उद्बोधन में कहा कि कला संस्कृति को संरक्षित संवर्धित करना महाविद्यालय का परम् ध्येय है। महाविद्यालय में अध्ययनरत सभी विद्यार्थियों के साथ-साथ प्रत्येक व्यक्ति का पुनित कर्तव्य है कि वह अपनी प्राचीन संस्कृति की महानता से अवगत हो।

कार्यक्रम का सफल संचालन डॉ. आभा तिवारी ने एवं आभार प्रदर्शन डॉ. आशीष शर्मा द्वारा किया गया। इस अवसर पर श्री रंगानादम, श्री लक्की यादव, श्री वीरेन्द्र साहू, श्री जित्तू ठाकुर, श्री गोविन्द सेठी, श्री शिवा गेंदले, श्री आशीष चतुर्वेदी, श्री चित्रकांत निरडवार, श्री परिवेश दीवान, श्री विकास सिंह, श्री मनीष मिश्रा, श्री आशीष मिश्रा, श्री उमेश साहू, श्री बृजेश बोले, श्री बलराम जायसवाल, श्री हिमेश साहू, श्री मनोज मेंसराम, श्री अरूण नथानी, श्री यश मिरानी, श्री सुरेन्द्र अहिरवार, श्री सचिन सूर्या, श्री सन सूर्या, श्री नीरज गोस्वामी, श्री विक्रान्त श्रीवास्तव, श्री प्रवीण देवांगन, श्री यजूर तिवारी, डॉ. मनीष तिवारी, डॉ. विवेक अम्बलकर, प्रो. ए. श्रीराम, प्रो. निधिष चौबे, डॉ. एम. एल. जायसवाल, डॉ. किरण दुबे, प्रो. विश्वास विक्टर, डॉ. ऋचा हाण्डा, डॉ. अजय यादव, श्री शैलेन्द्र तिवारी, डॉ. शिखा पहारे, प्रो. तोषिमा मिश्रा, प्रो. जयंत रॉय, डॉ. सुरूचि श्री प्रदीप जायसवाल, श्री रूपेन्द्र शर्मा, श्री ईश्वर सूर्यवंशी, श्री यूपेश कुमार, श्री लोकेश कुमार वर्मा, डॉ. ज्योति तिवारी, श्री बृजेश कुमार, श्रीमती अंजली तिवारी, महाविद्यालय के प्राध्यापकगण, कर्मचारीगण, एन.सी.सी., एन.एस.एस. के छात्र-छात्राएँ बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।