Loading ...
बिलासपुर

बिलासपुर के प्रसिद्ध छठ घाट को देखकर मन पुलकित हो उठा : लेखक लोकेश शरण

बिलासपुर। देशभर में चर्चित बिलासपुर के अरपा नदी छठ घाट पर आज संध्या अर्ध्य का आयोजन सफलतापूर्वक, पूर्ण हर्षोल्लास व पारस्परिक विधि-विधान से सम्पन्न हो गया। कल प्रातःकालीन अर्ध्य के आयोजन के साथ छठ महापर्व का समापन होगा।

इस छठ घाट की महत्ता खासतौर से इस बात में है कि यह घाट पूरी तरह से छठव्रतियों के लिए स्थायी रुप से निर्मित है, जो इसे परम्परागत घाटों से अलग करता है। हालाकि बिहार के पटना में गंगा नदी का छठ घाट प्रसिध्द है परन्तु वहां भी स्थायी कंक्रीट से निर्मित विस्तृत छठ घाट का निर्माण नहीं कराया जा सका है। इसका कारण गंगा नदी में प्रतिवर्ष आने वाली बाढ़ है। वर्षों बाद इस वर्ष छठ के मौके पर अपने गांव से दूर हूं। परन्तु बिलासपुर के प्रसिद्ध छठ घाट को देखकर मन पुलकित हो उठा। छठ घाट पर मेले सा दृश्य था। बच्चों के मनोरंजन के लिए तमाम तरह के साधन उपलब्ध हैं। खैर !

‘पाटलीपुत्र सांस्कृतिक विकास मंच व भोजपुरी समाज के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किए जा रहे इस महापर्व के मौके पर उपस्थित लगभग 30 से 40 हजार  छठव्रतियों व श्रद्धालू दर्शनार्थियों की उपस्थित सनातन संस्कृति का जीवंत दृश्य उत्पन्न कर रहे थे। सुरक्षा के चाक-चौबंद व्यवस्था के बीच हर कोई छठव्रतियों के सुख सुविधा में सक्रिय नजर आ रहे थे। इस मौके पर प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है।

बिलासपुर कलेक्टर अवनीश शरण, एस.पी. रजनेश सिंह, नगर निगम कमिश्नर अमित कुमार आदि ने छठ घाट का मुआयना किया व अपने अधिनस्थों को आवश्यक निर्देश  दिए। अधिकारियों ने आयोजन समिति के सदस्यों से भी मुलाकात की व हर संभव सहयोग का भरोसा दिया। सुरक्षा के दृष्टिकोण से अरपा नदी में मोटबोट की भी व्यवस्था की गई है। इस यादगार मौके का गवाह बनने का मुझे भी सौभाग्य मिला।

(सुप्रसिद्ध लेखक/पत्रकार लोकेश शरण की कलम से….)