
बिलासपुर । मुख्यमंत्री के शहर आगमन पर शनिवार को एक दिल को झकझोर देने वाली घटना सामने आई। जब एक रेप पीड़िता महिला ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के काफिले के सामने बैठक न्याय की गुहार लगाई।
जिस घटना ने पुलिस प्रशासन की कार्यवाही पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए है। पीड़िता ने रोते बिलखते अपनी पीड़ा बतलाते हुए कहा कि रेप के आरोपी किशन पटेल 4 माह की जेल से छूटने के बाद आरोपी ने अपने जननांग को उसके छोटे बच्चे के मुंह में डालने जैसा घिनौना कृत्य किया और वो और उसकी पत्नी उसके साथ मारपीट कर रहे है। जिसके बावजूद पुलिस आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज नहीं की।
पीड़िता ने बताया कि 19 नवंबर 2024 की शाम वह अपने बच्चे के साथ घर पर थी। तभी आरोपी किशन पटेल और उसकी पत्नी शिवकुमारी उसके घर पहुंचे। उन्होंने धमकी दी कि रेप की शिकायत करने के कारण उनका 10 लाख रुपये खर्च हो चुका है, जिसकी भरपाई पीड़िता को करनी होगी। आरोपियों ने पीड़िता के खिलाफ पेशी में पक्ष बदलने का दबाव बनाया और ऐसा न करने पर उसकी फोटो- वीडियो वायरल करने की धमकी दी। पीड़िता का दावा है कि जब उसने आरोपियों की बात मानने से इनकार किया, तो किशन पटेल ने उसके बच्चे के साथ अमानवीय हरकत की। शिवकुमारी ने बच्चे के सिर पर ईंट से वार कर दिया और दोनों ने पीड़िता के साथ गाली- गलौज व मारपीट की।
न्याय की गुहार लगाते हुए पीड़िता ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के काफिले के सामने हंगामा किया। करीब 15 मिनट तक चले प्रदर्शन के दौरान महिला ने पुलिस पर निष्क्रियता का आरोप लगाया। मौके पर पहुंचे बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला ने पीड़िता से मुलाकात कर न्याय का आश्वासन दिया।
वही पुलिस अधीक्षक रजनीश सिंह ने बताया कि आरोपी किशन पटेल के खिलाफ अब तक तीन मामले दर्ज किए जा चुके हैं। पहले से चल रहे रेप के मामले में वह जेल में था, लेकिन पैरोल में हाल ही में रिहा हुआ था। महिला की शिकायत सिविल लाइन थाने में दर्ज की गई हैं, जिसकी जांच जारी है।
पीड़िता ने कहा कि वह न्याय न मिलने से सदमे में है और खुद को असुरक्षित महसूस कर रही है। प्रशासन और पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े करते हुए उसने कहा कि मामले में त्वरित और सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। यह घटना न्याय प्रणाली और कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है। अब देखना होगा कि प्रशासन पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए क्या कदम उठाती हैं।