श्री झूलेलाल मंदिर में बड़े ही धूमधाम से मनाया जा रहा चालीहा महोत्सव, भगवान पर जिसका विश्वास पक्का होगा, उसे ही सब कुछ मिलेगा : डॉ. रमेश कलवानी

बिलासपुर (चकरभाठा)। श्री झूलेलाल चालिहा महोत्सव ,श्री झूलेलाल मंदिर झूलेलाल नगर चकरभाठा में बड़े ही धूमधाम के साथ मनाया जा रहा है।

इसी कड़ी में 18 दिसंबर को 17वीं धूनी के अवसर पर बुरहानपुर मध्य प्रदेश की मशहूर गायिका रोशनी के द्वारा भक्ति मय 🎶संगीत मय कार्यक्रम की शानदार प्रस्तुति दी गई।

कार्यक्रम रात्रि 10:00 बजे आरंभ हुआ जो देर रात 12:00 बजे तक चलता रहा। कार्यक्रम की शुरुआत भगवान झूलेलाल बाबा गुरमुख दास जी के फोटो पर पुष्प अर्पण एवं दीप प्रजवलित करके की गई।

इस अवसर पर रोशनी के द्वारा कई भक्ति भरे गीत वह भजन गाए गए । जिसे सुनकर उपस्थित भक्तजन झूम उठे। वह अपने भजनों से सबका मन मोह लिया।

समाज सेवी डॉ. रमेश कलवानी ने संगत को मोटिवेशन करते हुए एक छोटी सी कहानी कथा के रूप में बताएं.. उन्होंने कहा कि एक नगर में एक सेठ रहता था जो प्रतिदिन सुबह 10:00 बजे ऑफिस जाता था शाम को 5:00 बजे वापस आता था प्रतिदिन शाम के समय वह बाजार से तोष बिस्किट या ब्रेड लेकर आता था और घर पहुंचने से पहले जो मोहल्ले के कुत्ते रहते थे छोटे-बड़े सभी आकर उसके पास पहुंचते थे और वह सब को प्रतिदिन टोस्ट , बिस्किट या ब्रेड देता था शाम के 5:00 बजे ऑफिस से वापसी के समय पर यह उसका नित्य नियम बन गया था। एक दिन ऑफिस में काम ज्यादा हो गया तो वह निकलते समय 10:00 बज गए और जब तक मार्केट पहुंचे बाजार बंद हो चुकी थी दुकान बंद हो चुकी थी तब वह सोचने लगा कि अब कुछ मिल नहीं रहा है सब दुकान बंद हो गई। आज उन पालतू कुत्तों को क्या खिलाऊंगा । घर वापस आते-आते 12:00 बज गए और सीधा घर जाकर सो गया। सोचा अब कल खिलाऊंगा। कुछ नहीं मिला तो क्या करूं!!

कुत्ते सेठ कि ओर देखते-देखते परेशान हो गए थे और आखिर में सोचने लगे कि सेठ तो आया है और सीधा घर जाकर सो गया कुछ नहीं दिया । फिर वह भी वापस इधर-उधर चल दिए । पर सेठ को नींद नहीं आ रही थी उसका मन मचल रहा था कि बैचारे पालतू कुत्ते आज भूखे होंगे तो वह घर में किचन में गया वह देखने लगा कि कहीं रोटी बिस्किट कुछ मिल जाए तो पर कुछ खाना बचा नहीं मिला पर एक डब्बे में बिस्कुट और टोस्ट थे। सेठ देखकर खुश हो गया और उसे उठाकर जैसे ही अपने घर के बाहर चौक में पहुंच कर देखा तो सारे कुत्ते जा चुके थे। पर एक कुत्ते का बच्चा वह बैठा था और सेठ को देखकर बहुत खुश हुआ और पूछ हिलाने लगा। वह समझ गया कि सेठ आया है तो कुछ तो कुछ मुझे खाने को देगा और सेठ ने भी देखा कोई नहीं है यह छोटा बच्चा बेचारा बैठा है मेरे इंतजार में इसको विश्वास होगा कि सेठ आएगा इसलिए यह नहीं गया है तो उसने खुश होकर सारे बिस्किट टोस्ट उस छोटे कुत्ते को दे दिए।

इस कहानी का तात्पर इंसान को सब्र नहीं खोना चाहिए । वह विश्वास और भरोसा रखना चाहिए अपने ऊपर वह ऊपर वाले भगवान पर अगर आपको विश्वास है भरोसा है अपने भगवान पर तो आपको सब कुछ मिलेगा और अगर नहीं है तो आप भी खाली हाथ चले जाएंगे ।
कार्यक्रम के आखिर में नानक पंजवानी फैमिली के द्वारा सांई जी का स्वागत और सम्मान किया गया सांई जी ने भी नानक पंजवानी फैमिली का सम्मान किया गया एवं अंत में आरती कर प्रसाद वितरण की है। इस पूरे कार्यक्रम को सफल बनाने में बाबा गुरमुख दास सेवा समिति श्री झूलेलाल महिला सखी सेवा ग्रुप के सभी सदस्यों का विशेष सहयोग रहा।