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बिलासपुर

अटल यूनिवर्सिटी में आयोजित “कुल उत्सव” में शामिल हुए केरल के राज्यपाल,  लेखक एवं साहित्यकार डॉ लोकेश शरण ने भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन में “कालापानी” की ऐतिहासिक भूमिका’ पर लिखी अपनी एक किताब महामहिम राज्यपाल को भेंट की

बिलासपुर। ‘भारत रत्न’ पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की 100वीं जयंती के मौके पर ‘अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय, बिलासपुर’ के सभागार में ‘कुल-उत्सव 2024‘ का तीन दिवसीय आयोजन पूर्ण हर्षोल्लास के साथ संपन्न हो गया।

आज के इस कार्यक्रम के समापन समारोह के अवसर पर मुख्य अतिथि केरल के महामहिम राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने अटल बिहारी वाजपेयी का स्मरण किया व उनके साथ बिताये गए दिनों के सुखद प्रसंगों का उल्लेख करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।

श्री खान ने प्राचीन भारतीय सभ्यता और संस्कृति की व्याख्या करते हुए इसके विशिष्ट पहलुओं के उद्धरण दिए और विश्वभर के मानव जाति के लिए इसे सर्वश्रेष्ठ व अनुकरणीय बताया।



कुलपति आचार्य अरुण दिवाकर नाथ वाजपेयी ने आगत अतिथियों का स्वागत किया। केन्द्रीय आवास एवं शहरी राज्यमंत्री तोखन साहू की अध्यक्षता में आयोजित समारोह को श्री साहू के साथ साथ-उप मुख्य मंत्री अरुण साव, विधायक सुशांत शुक्ला आदि ने संबोधित किया।

मौके पर विधायक अमर अग्रवाल,  विधायक धरमलाल कौशिक सहित बड़ी संख्या में छात्र, शिक्षक, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारीगण आदि उपस्थित थे।

इससे पूर्व आगत अतिथियों ने अटल बिहारी वाजपेयी के आदमकद प्रतिमा पर माल्यार्पण तथा आयोजन स्थल पर उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की। कार्यक्रम का संचालन डाॅ. श्रेया साहू कर रहीं थी। धन्यवाद ज्ञापन डाॅ.एच.एस.होता व शैलेन्द्र दुबे ने संयुक्त रुप से किया।

इस शुभ अवसर पर सुप्रसिद्ध लेखक एवं साहित्यकार डॉ लोकेश शरण ने भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन में “कालापानी” की ऐतिहासिक भूमिका’ पर लिखी अपनी एक किताब महामहिम राज्यपाल को भेंट की।

खास बात यह भी थी कि महामहिम आरिफ मोहम्मद खान का  बिलासपुर आगमन केरल के राज्यपाल के रुप में हुआ था, सौभाग्यवश इसी दौरान केन्द्र सरकार ने अधिसूचना जारी कर उन्हें बिहार का राज्यपाल नियुक्त कर दिया। बिलासपुर से उनकी विदायी बिहार के राज्यपाल के रुप में हुई।