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बिलासपुर

वीडियो। भू विस्थापित किसानों ने किया एसईसी एल मुख्यालय का घेराव, आंदोलनकारियों ने कहा भू अर्जन के बदले नहीं मिला रोजगार, मुआवजा और बसाहट 

बिलासपुर। भूविस्थापित किसान संगठन के द्वारा आज एसईसीएल मुख्यालय का घेराव किया गया। इस दौरान उन्होंने एसईसीएल प्रबंधक के खिलाफ जमकर नारे बाजी की।

जिला रायगढ़ एवं कोरबा सहित क्षेत्र के सभी खदान क्षेत्रों से प्रभावित भूविस्थापित किसान आज बड़ी संख्या में एसईसीएल मुख्यालय का घेराव करने पहुंचे थे। उनका कहना था कि पिछले 30 सालो से उनकी मांगों में कोई सुनवाई नहीं हो रही है। अधिकारी टाल मटोल कर रहे है । उनको कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिल रहा है। एसईसीएल ने कोयला खादानों के विस्तार के लिए किसानों की जमीनों का अधिग्रण तो कर लिया है लेकिन बदले में किसान के परिवार के लोगों को न उचित मुआवजा दे रही है न नौकरी । नए नए नियमों का हवाला देकर अपना पल्ला झाड़ रहा है। अधिकारी लगातार उनकी बात को अनदेखा कर रहे है। जिसे लेकर किसान अलग अलग खदान क्षेत्रों में अपनी मांगों को लेकर पिछले कई सालों से आंदोलनरत थे । जो आज सभी इक्कठे होकर एससीएल मुख्यालय पहुंचे और अपनी मांगो को लेकर मुख्यालय का घेराव किया। इस दौरान वे एसईसीएल के खिलाफ जमकर नारे बाजी की और सिर्फ सीएमडी से ही बात करने की बात पर अड़े रहे।

इस दौरान ऊर्जाधानी भू विस्थापित किसान कल्याण समिति के अध्यक्ष सपूरन कुलदीप ने बताया कि उनकी यह मांग पिछले 30 साल पुरानी है जिन मांगो पर एस ई सी एल प्रबंधकों द्वारा कोई सुनवाई नहीं की जा रही है। कोई अधिकारी बात करने को तैयार नहीं है इसलिए आज मुख्यालय घेरने की आवश्यकता पड़ी है और यदि उनकी इन मांगों पर 15 दिनों के अंदर कोई सुनवाई नहीं की जाती है तो उसके बाद क्षेत्र के सभी खदानों में धरना प्रदर्शन कर खदानों को बंद कराया जाएगा।

वही SECL की ओर से जनसंपर्क अधिकारी सनिश चंद ने कहा कि भारत सरकार के कुछ नियम है, जिसके अनुसार मुआवजा और नौकरियां दी जाती है, जो विस्थापितों को दी गई है। लेकिन कुछ लोगों की मांगे है कि भारत सरकार की जो मेगा प्रोजेक्ट में नीति लागू है उसके अनुसार उनको मुआवजा और नौकरियां दी जाए । जिसके लिए SECL की टीम कल इनसे बात करने भी गए हुए थे और इनसे कहा गया है कि नियमों के अधीन जो संभव है हम करने के लिए राजी है।