Loading ...
बिलासपुरशिक्षा

रिश्वत लेने के दोषी बीईओ को मिला ईनाम, मिला जिले का डीईओ का प्रभार,सचिव ने मांगी रिपोर्ट,अब अधिकारी पीट रहे है माथा

बिलासपुर। हाल ही में बिलासपुर जिले के डीईओ अनिल तिवारी का तबादला कर नए जिला शिक्षा अधिकारी का प्रभार विजय तांडे को दिया गया है। जिनके ऊपर कोटा ब्लॉक के बीईओ पद पर रहते हुए एक महिला से रिश्वत लेने का एक बड़ा आरोप लगा हुआ है । जिस मामले को कलेक्टर ने स्वयं संज्ञान में लेते हुए उन्हें बीईओ पद से हटा दिया था।

उसी बीईओ को महज कुछ ही महीने बाद बिलासपुर जैसे महत्वपूर्ण जिला का प्रभारी DEO बना दिया गया। जिसे लेकर अब पूरे शिक्षा जगत में चर्चा शुरू हो गई है।  शिक्षा सचिव ने भी इस विषय को बड़ी गंभीरता से ली और जिले के कलेक्टर से इसकी रिपोर्ट मंगाई है ।

शिक्षकों के युक्तियुक्तकरण के बाद प्रशासनिक कसावट को लेकर बड़े पैमाने में शिक्षा विभाग के अधिकारियों का स्थानांतरण किया गया था। जिसमें जिले के डीईओं अनिल तिवारी का तबादला कर उनकी जगह विजय तांडे को प्रभारी डीईओ बनाया गया। उन्होंने  पिछले शनिवार को चार्ज भी ले लिया । लेकिन उनकी पोस्टिंग के साथ ही एक पुराना मामला सुर्खियों में आ गया है।

प्रभारी डीईओ विजय तांडे पर कोटा में बीईओँ रहते हुए रिश्वत लेने के आरोप लगे थे। आरोप था कि कोटा के ओछिनपारा में पदस्थ विधवा शिक्षिका नीलम भारद्वाज से एक लाख चौबीस हजार रुपए  की रिश्वत लिपिक के माध्यम से ली थी। यह रकम बीईओ ऑफिस की क्लर्क एकादशी पोर्ते के जरिए ली गई थी। इसकी शिकायत 3 मार्च को पीड़ित शिक्षिका ने जनदर्शन में उस समय के कलेक्टर से की थी । तब तीन सदस्यीय जांच कमेटी भी बनाई गई थी। कमेटी की ओर से 21 मार्च को पेश की गई रिपोर्ट में क्लर्क और बीईओ दोषी पाए गए थे। जिसके बाद उन्हें पद से हटाया गया था।

इस रिश्वत मामले में हटाए जाने के बाद महज कुछ महीने में ही बिलासपुर जिले के प्रभारी DEO बनाए जाने से चर्चा शुरू हो गई। वही यह खबर खबरों की सुर्खियां बनने लगी ,तो प्रदेश के शिक्षा सचिव ने इस मामले को अपने संज्ञान में लेते हुए जिला कलेक्टर से इसकी रिपोर्ट मांगी है।