
बिलासपुर। ग्राम पंचायत मोहतरा में हाल ही में आयोजित ग्रामसभा के दौरान हुए भ्रष्टाचार के खुलासे के बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गई है। इस संबंध में एनएसयूआई से जुड़े छात्रों ने पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है।
ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि 28 जुलाई 2025 को हुई ग्रामसभा में ग्राम निवासी और वकालत के छात्र रंजेश सिंह पिता मनोज सिंह ने ग्राम विकास कार्यों में भारी अनियमितताओं और भ्रष्टाचार का खुलासा किया। उन्होंने खासकर सामूहिक शौचालय निर्माण और अन्य शासकीय योजनाओं में लाखों रुपये की हेराफेरी के आरोप लगाए।
भ्रष्टाचार का खुलासा करने के बाद ग्राम के उपसरपंच इंद्रजीत क्षत्रिय और उनके समर्थकों द्वारा रंजेश सिंह पर हमला किया गया, उन्हें धमकाया गया और जान से मारने की कोशिश भी की गई। इसके बाद रंजेश सिंह के खिलाफ ही झूठे और साजिशन अपराध दर्ज कर दिए गए, जिससे न केवल उनका भविष्य खतरे में पड़ गया, बल्कि गांव के अन्य लोग भी भयभीत हो गए हैं।
ग्रामवासियों और जनप्रतिनिधियों ने पुलिस अधीक्षक को सौंपे ज्ञापन में निम्नलिखित मांगें की हैं:
1. ग्राम पंचायत में हुए भ्रष्टाचार की निष्पक्ष व त्वरित जांच की जाए।
2. पीड़ित रंजेश सिंह सहित अन्य लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
3. झूठे मुकदमों की जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
4. ग्राम में शांति एवं न्याय स्थापित करने के लिए आवश्यक प्रशासनिक कार्रवाई की जाए।
5. एक ही फर्म को लगातार किए गए भुगतान और बिल-वाउचर की जांच की जाए।
6. पिछले तीन पंचवर्षीय कार्यकाल में हुए सभी शासकीय कार्यों की विस्तृत जांच हो।
7. अनुसूचित जाति/जनजाति उत्पीड़न से संबंधित धारा 3(5) के दुरुपयोग की जांच कर पीड़ितों को न्याय दिलाया जाए।
ग्रामवासियों ने उम्मीद जताई है कि प्रशासन इस मामले को गंभीरता से लेते हुए दोषियों पर कार्रवाई करेगा और ग्राम पंचायत मोहतरा में पारदर्शिता और न्याय की स्थापना सुनिश्चित करेगा।

