Loading ...
बिलासपुर

न्यूयॉर्क के टाइम्स स्क्वायर पर चमकी छत्तीसगढ़ की संस्कृति – “पंखिड़ा 2025” ने रचा इतिहास

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ की धरती पर जन्मा लोकप्रिय गरबा महोत्सव “पंखिड़ा” अब सिर्फ राज्य की सांस्कृतिक पहचान नहीं रहा, बल्कि उसने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी छाप छोड़ दी है। इस बार इस महोत्सव ने इतिहास रचते हुए अमेरिका के न्यूयॉर्क के टाइम्स स्क्वायर बिलबोर्ड पर जगह बनाई। वहां प्रदर्शित हुए पंखिड़ा महोत्सव के झलकियों ने पूरे भारत के लिए गर्व का क्षण बना दिया।

दो वर्षों से लगातार सफलता

प्रजराज्यम ग्रुप, बिलासपुर द्वारा आयोजित यह गरबा महोत्सव पिछले दो वर्षों से लगातार छत्तीसगढ़ में आयोजित हो रहा है। समय के साथ यह आयोजन केवल एक सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की परंपरा और सांस्कृतिक धरोहर का प्रतीक बन चुका है। इसकी लोकप्रियता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि यह महोत्सव हर वर्ष फिल्मी दुनिया की नामी हस्तियों, सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर और मशहूर कलाकारों को अपनी ओर आकर्षित करता है।

पिछले आयोजनों में शहनाज़ गिल, एल्विश यादव, आदाह शर्मा, और मुन्ना भैया फेम दिव्येन्दु शर्मा जैसे सितारे इस मंच पर अपनी उपस्थिति दर्ज करा चुके हैं। इससे महोत्सव को युवाओं के बीच खास पहचान मिली और सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर इसकी चर्चा देशभर में होने लगी।

पंखिड़ा 2025 की खासियत

इस वर्ष का आयोजन 23 और 24 सितम्बर 2025 को बिलासपुर में भव्य रूप से किया जाएगा। दो दिवसीय इस उत्सव में सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से लेकर गरबा की पारंपरिक झलक तक देखने को मिलेगी।

23 सितम्बर को आयोजन की शुरुआत होगी और इस दिन एक जानी-मानी महिला सेलिब्रिटी शिरकत करेंगी। उनका नाम आयोजकों द्वारा जल्द ही उजागर किया जाएगा।

24 सितम्बर को हरियाणा के लोकप्रिय गायक मसूम शर्मा लाइव प्रस्तुति देंगे और गरबा महोत्सव को और भी यादगार बनाएंगे।

इस तरह यह आयोजन न केवल स्थानीय कलाकारों को मंच प्रदान करता है, बल्कि राष्ट्रीय स्तर के कलाकारों और दर्शकों के बीच भी पुल का काम करता है।

टाइम्स स्क्वायर पर छत्तीसगढ़

12 सितम्बर 2025 को न्यूयॉर्क टाइम्स स्क्वायर पर पंखिड़ा महोत्सव की भव्य झलकियां प्रदर्शित की गईं। यह पहला अवसर था जब छत्तीसगढ़ की किसी सांस्कृतिक पहचान ने दुनिया के सबसे बड़े डिजिटल मंच पर जगह बनाई। वहां मौजूद भारतीय प्रवासी समुदाय और अंतरराष्ट्रीय दर्शकों ने इस क्षण को कैमरे में कैद किया और सोशल मीडिया पर साझा कर इसे और भी वायरल कर दिया।

यह उपलब्धि छत्तीसगढ़ ही नहीं, बल्कि पूरे भारत के लिए गर्व की बात है। इसने यह संदेश दिया है कि भारतीय संस्कृति, परंपरा और कला अब सीमाओं को पार कर वैश्विक पटल पर मजबूती से अपनी पहचान बना रही है।

गौरव का क्षण

पंखिड़ा महोत्सव का टाइम्स स्क्वायर तक पहुंचना इस बात का सबूत है कि अगर जुनून और समर्पण हो तो किसी भी सांस्कृतिक परंपरा को विश्व स्तर तक पहुंचाया जा सकता है। यह आयोजन न सिर्फ लोगों को जोड़ने का कार्य कर रहा है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए सांस्कृतिक धरोहर को संजोने का भी संदेश दे रहा है।

आयोजकों का कहना है कि पंखिड़ा महोत्सव को और भी बड़े स्तर पर ले जाने की योजना है, ताकि यह महोत्सव आने वाले वर्षों में भारत की सांस्कृतिक पहचान के रूप में अंतरराष्ट्रीय कैलेंडर में दर्ज हो सके।

न्यूयॉर्क में गूंजे छत्तीसगढ़ की संस्कृति के रंग, और बिलासपुर से निकली पंखिड़ा ने वाकई इतिहास रच दिया है।