माँ दुर्गा महोत्सव के स्वर्ण जयंती वर्ष में 10 दिनो तक होगा भव्य आयोजन
लेजर एवं फाउंटेन शो,चार धाम की झाकी, चुनरी यात्रा, अरपा आरती, राम लीला एवं रावण दहन, मीना बाजार, फ़ूड जोन होंगे मुख्य आकर्षण

बिलासपुर। माँ दुर्गा महोत्सव इस वर्ष स्वर्ण जयंती वर्ष के रूप में ऐतिहासिक और भव्य अंदाज में मनाया जा रहा है। पूरे 10 दिन तक चलने वाले इस आयोजन में श्रद्धालुओं के लिए अद्भुत आकर्षण और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की विशेष श्रृंखला रखी गई है।

आयोजन की प्रमुख विशेषताएँ :
विशाल महलनुमा पंडाल : 25,000 वर्गफीट क्षेत्र में राजस्थान शैली का भव्य पंडाल, कोलकाता के कलाकारों द्वारा निर्मित।
विशाल प्रतिमा : छत्तीसगढ़ में पहली बार 25 फीट ऊँची और 45 फीट चौड़ी माँ दुर्गा की प्रतिमा की स्थापना।
लेजर व फाउंटेन शो : प्रतिदिन लगभग 1 किमी क्षेत्र में नदी के उस पार से शानदार लेजर और फाउंटेन शो।
लकी ड्रा : कार, मोटरसाइकिल, इलेक्ट्रिक वाहन सहित सैकड़ों आकर्षक पुरस्कार।
चुनरी यात्रा : 22 सितम्बर को हरदेवलाल मंदिर से प्रारंभ होकर आदर्श चौक होते हुए रिवर व्यू रोड तक।
चारधाम की झांकी : उत्तराखंड के कारीगरों द्वारा निर्मित भव्य प्रस्तुति।
मनोरंजन व मेला : बच्चों के लिए मीना बाजार और मनोरंजन केंद्र।
रामलीला व रावण दहन : 10 दिनों तक मंचन और दशहरा पर्व पर रावण दहन।
माँ अरपा की आरती : पं. भारती जी द्वारा 23 सितम्बर को विशेष आयोजन।
सम्मान समारोह : 23 व 24 सितम्बर को समाज प्रमुखों, दुर्गा समितियों के पदाधिकारियों एवं प्रतिभाशाली युवक-युवतियों का सम्मान।
विशेष दर्शन व्यवस्था : वृद्धाश्रम के श्रद्धालुओं और विशेष बच्चों के लिए दर्शन की अलग सुविधा।
महिला गरबा : 26 और 27 सितम्बर को भारतीय परिधान में महिलाओं के लिए विशेष गरबा आयोजन।
श्रद्धालुओं से अपील
समिति ने कहा कि इस स्वर्ण जयंती वर्ष का उद्देश्य अधिक से अधिक श्रद्धालुओं को सुव्यवस्थित तरीके से माँ दुर्गा के दर्शन कराना है। सोशल मीडिया व अन्य माध्यमों से व्यापक प्रचार-प्रसार कर पूरे प्रदेश व पड़ोसी राज्यों तक आमंत्रण पहुँचाया जा रहा है।
अध्यक्ष जवाहर सराफ सहित समिति के सदस्यों ने समस्त नागरिकों से आग्रह किया है कि वे सहपरिवार इस ऐतिहासिक आयोजन में सहभागी बनें और माँ शक्ति की भक्ति के इस महापर्व के साक्षी बनें।