लिंगियाडीह बचाओ आंदोलन को मिल रहा व्यापक समर्थन, 20वें दिन भी महिलाओं का अनिश्चितकालीन धरना जारी

बिलासपुर। लिंगियाडीह बचाओ आंदोलन को शहर के विभिन्न सामाजिक, राजनीतिक और सामाजिक संगठनों का मजबूत समर्थन मिल रहा है। जिला प्रशासन द्वारा अपोलो अस्पताल चौक क्षेत्र के करीब 130 परिवारों को नोटिस देने की तैयारी के बाद यहां की महिलाएं पिछले 20 दिनों से अनिश्चितकालीन शांतिपूर्ण धरना पर बैठी हैं।

शिवसेना के महासचिव सुनील झा, भोलाराम साहू, सतीष पांडे, प्रभु वस्त्रकार, द्वारिका वस्त्रकार, अनामिका अवस्थी, माधुरी शर्मा, परदेशी साहू, जमुना कश्यप सहित शिवसेना के अन्य पदाधिकारियों ने धरना स्थल पहुंचकर आंदोलन को समर्थन दिया।
नागरिक सुरक्षा मंच के अमित तिवारी और महिला कांग्रेस कमेटी की अध्यक्ष सीमा घृतेश, किरण तिवारी, शशिकला, उतरा डडसेना सहित कई महिला नेताओं ने भी महाधरना में शामिल होकर प्रशासनिक कार्रवाई का विरोध जताया।
नेताओं ने कहा कि लिंगियाडीह क्षेत्र में पहले ही 173 मकानों को तोड़कर सड़क चौड़ीकरण और नाला निर्माण का कार्य किया जा चुका है। ऐसे में गरीब परिवारों को दोबारा नोटिस देकर परेशान किया जाना उचित नहीं है। आंदोलनकारियों का कहना है कि यह 50 साल पुरानी बस्ती है, जहां मुख्य रूप से झुग्गी-झोपड़ी में रहने वाले लोग निवास करते हैं। भाजपा शासनकाल में गरीबों को उजाड़ने की कोशिश की जा रही है, जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
महिला कांग्रेस अध्यक्ष सीमा घृतेश ने कहा कि वे किसी भी कीमत पर यहां रहने वाले परिवारों के मकान नहीं टूटने देंगी। लोगों को बेघर करने के हर प्रयास का कड़ा विरोध किया जाएगा। आज दुर्गा नगर की बड़ी संख्या में महिलाएं धरना स्थल पहुंचीं, वहीं अन्य समाजों और संगठनों के लोगों ने भी आंदोलन को समर्थन देकर जिला प्रशासन की कार्रवाई के खिलाफ हल्ला बोला।
धरना स्थल की महिलाओं का कहना है कि जहां सड़क चौड़ीकरण और नाली निर्माण का काम पूरा हो चुका है, वहां अब दोबारा तोड़फोड़ की कोई आवश्यकता नहीं है। बावजूद इसके प्रशासन गरीब परिवारों को हटाने की तैयारी में है, जिससे क्षेत्र में आक्रोश व्याप्त है। लिंगियाडीह बचाओ आंदोलन आज 20वें दिन भी लगातार जारी रहा।