
बिलासपुर।वीबी–जी राम जी (VB–G RAM G) योजना के नाम को लेकर कांग्रेस द्वारा किए जा रहे विरोध पर प्रदेश के पूर्व मंत्री एवं वर्तमान बिलासपुर विधायक अमर अग्रवाल ने शुक्रवार को प्रेसवार्ता कर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि किसी योजना के नाम को लेकर कांग्रेस का हंगामा करना समझ से परे है, क्योंकि कांग्रेस ने अपने ही कार्यकाल में इस योजना का नाम कई बार बदला है। ऐसे में अब नाम परिवर्तन पर बवाल क्यों किया जा रहा है?
श्री अग्रवाल ने कहा कि जब इस विधेयक को लेकर संसद में चर्चा हुई, तब सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि मौजूद थे। व्यापक चर्चा के बाद ही विधेयक को अंतिम रूप दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि जब भी भाजपा विकसित भारत की बात करती है तो कांग्रेस बेचैन हो जाती है और जब राम की बात आती है तो घबराने लगती है, जबकि यह पूरी प्रक्रिया 2047 विकसित भारत के संकल्प की तैयारी का हिस्सा है।
उन्होंने कहा कि आज देश में गांधी परिवार के नाम पर 600 से अधिक योजनाएं संचालित हैं, जिन पर कांग्रेस को कोई आपत्ति नहीं है। क्या इस देश के विकास में केवल गांधी परिवार का ही योगदान रहा है? अन्य महापुरुषों और योगदानकर्ताओं के नाम पर योजनाएं क्यों नहीं होनी चाहिए?
अमर अग्रवाल ने कहा कि जब मनरेगा की शुरुआत हुई थी, उस समय देश में लगभग 25 प्रतिशत गरीबी थी, जबकि आज यह घटकर 4 से 5 प्रतिशत रह गई है। किसी भी योजना में समय के अनुसार बदलाव जरूरी होता है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि वर्तमान में लाया गया बिल केवल नाम से ही नहीं, बल्कि स्वरूप से भी मनरेगा से बिल्कुल अलग है।
उन्होंने बताया कि पहले जहां 100 दिनों का रोजगार दिया जाता था, अब इसे बढ़ाकर 150 दिनों का रोजगार किया गया है। पहले मजदूरी का भुगतान 15 दिनों में होता था, जबकि अब हर सप्ताह भुगतान की व्यवस्था की गई है। योजना में चार प्रमुख सेक्टरों पर फोकस किया जा रहा है, हालांकि उनकी प्राथमिकता ग्राम पंचायतें तय करेंगी।
अमर अग्रवाल ने कहा कि इस योजना को पहले से अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाया गया है, ताकि गरीब और मजदूर वर्ग को अधिकतम लाभ मिल सके। साथ ही, जीपीएस आधारित मॉनिटरिंग सिस्टम के जरिए भ्रष्टाचार पर भी सख्ती से लगाम लगाई जाएगी।