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क्राइमबिलासपुर

ASP राजेंद्र जायसवाल के खिलाफ जांच के आदेश, स्पा सेंटर संचालकों से अवैध वसूली के आरोप
IG ने दिए जांच के निर्देश, SSP करेंगे तथ्यात्मक जांच


बिलासपुर। शहर के पूर्व अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) राजेंद्र जायसवाल के खिलाफ सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो और स्पा सेंटर संचालकों से अवैध वसूली के आरोपों को लेकर अब आधिकारिक जांच के आदेश जारी कर दिए गए हैं। पुलिस महानिरीक्षक (IG) बिलासपुर रेंज ने मामले को गंभीर मानते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) बिलासपुर को जांच की जिम्मेदारी सौंपी है।

डॉ संजीव शुक्ला( IG बिलासपुर रेंज)


सोशल मीडिया पर वायरल हुए आरोपों से मचा हड़कंप


बीते कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर ऐसे वीडियो और पोस्ट वायरल हो रहे हैं, जिनमें आरोप लगाया गया है कि शहर के कुछ स्पा सेंटर संचालकों से कथित तौर पर “सेटिंग” के नाम पर पैसों की मांग की जा रही है। इन वीडियो में ASP राजेंद्र जायसवाल का नाम सामने आने के बाद पुलिस विभाग में भी हलचल तेज हो गई थी।


शिकायत पत्र भी जांच के दायरे में


सूत्रों के अनुसार, लोकेश सेन और अमन सेन नामक व्यक्तियों द्वारा दिए गए शिकायत आवेदन में आरोप लगाया गया है कि सिविल लाइन थाना क्षेत्र में स्पा सेंटर संचालकों से मासिक राशि न देने पर अवैध वसूली, बदनामी और व्यवसाय को नुकसान पहुंचाने की धमकी दी जा रही है।
इस शिकायत की प्रतिलिपि पहले ही पुलिस मुख्यालय भेजी जा चुकी थी।


IG ने जारी किया आधिकारिक पत्र


19 जनवरी 2026 को पुलिस महानिरीक्षक, बिलासपुर रेंज द्वारा जारी पत्र में कहा गया है कि: सोशल मीडिया में प्रसारित वीडियो की गंभीरता से जांच की जाए। वीडियो में दिख रहे दृश्य व श्रव्य सामग्री का विश्लेषण किया जाए
शिकायत पत्र में लगाए गए आरोपों की तथ्यात्मक पुष्टि की जाए। सभी संबंधित दस्तावेजों और साक्ष्यों के साथ 7 दिनों के भीतर जांच रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए।


SSP करेंगे निष्पक्ष जांच


अब इस पूरे मामले की जांच वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) बिलासपुर द्वारा की जाएगी। जांच में यह देखा जाएगा कि:
आरोप कितने सही हैं,वीडियो की सत्यता क्या है,किसी प्रकार की अवैध वसूली हुई या नहीं,इसमें कौन-कौन लोग शामिल हैं।

पुलिस विभाग की छवि पर असर


इस मामले ने पुलिस विभाग की छवि पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की संभावना है। वहीं, यदि आरोप निराधार साबित होते हैं तो अफवाह फैलाने वालों पर भी कार्रवाई हो सकती है।


जांच रिपोर्ट का इंतजार


अब पूरे शहर की नजरें SSP की जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं। आने वाले दिनों में यह स्पष्ट हो जाएगा कि मामला सच्चाई पर आधारित है या सोशल मीडिया पर फैलाया गया भ्रम।