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बिलासपुर

लिंगियाडीह बचाओ आंदोलन: 50 वर्षों से बसे लोगों को उजाड़ने का प्रयास, सर्वदलीय संगठन ने सौंपा 10 सूत्रीय मांग पत्र

बिलासपुर।लिंगियाडीह क्षेत्र में लगातार हो रही तोड़फोड़ की कार्रवाई और बेदखली की आशंका को लेकर क्षेत्रीय नागरिकों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। इसी कड़ी में सर्वदलीय लिंगियाडीह बचाव संगठन, बेलतरा विधानसभा क्षेत्र (लोकसभा बिलासपुर) के बैनर तले नागरिकों ने प्रशासन के समक्ष 10 सूत्रीय मांग पत्र प्रस्तुत करते हुए स्थायी समाधान की मांग की है।


संगठन का कहना है कि लिंगियाडीह में सैकड़ों परिवार पिछले 50 वर्षों से निवासरत हैं और यह भूमि मास्टर प्लान के अनुसार आबादी क्षेत्र में आती है, इसके बावजूद नगर निगम द्वारा बार-बार परियोजनाओं का हवाला देकर लोगों को भयभीत किया जा रहा है।


पूर्व की तोड़फोड़ का अब तक नहीं हुआ व्यवस्थापन


मांग पत्र में बताया गया कि 19 मार्च 2025 को लिंगियाडीह में सैकड़ों मकान और दुकानों को तोड़ा गया था, लेकिन आज दिनांक तक न तो उनका समुचित व्यवस्थापन किया गया और न ही प्रभावित परिवारों को किसी प्रकार की राहत दी गई। इससे पीड़ित परिवार आज भी मानसिक, सामाजिक और आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं।


पट्टा और प्रधानमंत्री आवास योजना की मांग


संगठन ने यह भी बताया कि वर्ष 2019 में छत्तीसगढ़ शासन द्वारा लिंगियाडीह को आबादी घोषित कर पट्टा वितरण की प्रक्रिया शुरू की गई थी, जिसके तहत लोगों ने ₹10 प्रति वर्गफुट के हिसाब से प्रीमियम राशि भी जमा की है। इसके बावजूद अब तक स्थायी पट्टा नहीं दिया गया।


मांग की गई है कि शासन अपने निर्णय का पालन करते हुए स्थायी पट्टा प्रदान करे और प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत आवास राशि उपलब्ध कराए, ताकि लोग अपने घर सम्मानपूर्वक बना सकें।


कमर्शियल कॉम्प्लेक्स और गार्डन के बयान पर आपत्ति


मांग पत्र में नगर निगम के महापौर, कमिश्नर एवं जोन कमिश्नर द्वारा दैनिक भास्कर अखबार में दिए गए उस बयान पर कड़ी आपत्ति जताई गई है, जिसमें लिंगियाडीह में मकान तोड़कर कमर्शियल कॉम्प्लेक्स एवं गार्डन बनाने की बात कही गई थी। संगठन ने इस बयान को सार्वजनिक रूप से वापस लेने की मांग की है।


नाली के बाद 20 फीट तोड़ने की चेतावनी से दहशत


स्थानीय लोगों का कहना है कि निगम कर्मचारी प्रतिदिन क्षेत्र में आकर यह कहते हैं कि नाली के बाद 20 फीट और मकान तोड़े जाएंगे, जिससे पूरा मोहल्ला भय और तनाव के माहौल में जी रहा है। संगठन ने इस तरह की धमकियों पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है।


गरीब सब्जी विक्रेताओं को राहत देने की मांग


लिंगियाडीह में पिछले 30 वर्षों से गरीब परिवार शाम के समय लगभग 3 घंटे सब्जी दुकान लगाकर जीवन यापन करते हैं, लेकिन निगम द्वारा उन्हें परेशान कर सब्जी जब्त की जा रही है। मांग पत्र में कहा गया है कि इन गरीब विक्रेताओं को प्रतिदिन 3 घंटे उसी स्थान पर सब्जी बेचने की अनुमति दी जाए, ताकि उनकी रोजी-रोटी बच सके।
आस-पास के क्षेत्रों में भी तोड़फोड़ पर रोक की मांग
संगठन ने चिंगराजपारा, चांटीडीह, मोपका, खमतराई और बहतराई सहित आसपास के क्षेत्रों में भी निगम द्वारा की जा रही कार्रवाई पर रोक लगाने और सभी कार्य आम सहमति व जनप्रतिनिधियों के साथ मिलकर करने की मांग की है।


मुख्यमंत्री की घोषणा का हवाला


मांग पत्र में माननीय मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय द्वारा 09 फरवरी 2025 को बसंत बिहार चौक में नगर निगम चुनाव प्रचार के दौरान की गई घोषणा का हवाला दिया गया, जिसमें उन्होंने कहा था कि “जो जहां कच्चा मकान बनाकर रह रहे हैं, उन्हें वहीं प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पक्का मकान दिया जाएगा, किसी का भी मकान नहीं तोड़ा जाएगा।”


संगठन ने इसी घोषणा के आधार पर पट्टा प्रदान करने की मांग की है।


बार-बार परियोजना बदलने से जनता में अविश्वास
संगठन का आरोप है कि पिछले चार महीनों में तीन अलग-अलग परियोजनाओं के नाम पर सर्वे और तोड़फोड़ की चेतावनी दी गई, जिससे जनता में भ्रम, असमंजस और प्रशासन के प्रति अविश्वास का माहौल बना है।
करीब 10 माह पूर्व सड़क चौड़ीकरण के नाम पर 150 से अधिक मकान और दुकानों को तोड़ा गया, लेकिन आज तक निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ, जिससे लोग अभी तक उस सदमे से उबर नहीं पाए हैं।


स्थायी समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन तेज करने की चेतावनी


सर्वदलीय लिंगियाडीह बचाव संगठन ने स्पष्ट किया है कि यदि प्रशासन ने मांगों पर गंभीरता से विचार कर स्थायी समाधान नहीं निकाला, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।