
बिलासपुर। शहर के मंगला क्षेत्र में लगातार हो रही ज्वेलरी दुकानों और सूने मकानों में चोरी की वारदातों का सिविल लाइन पुलिस ने खुलासा करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से सोने-चांदी के जेवरात और नगदी सहित कुल 4 लाख 50 हजार रुपये का मशरूका बरामद किया है।

चार स्थानों पर देते थे वारदात को अंजाम
पुलिस के अनुसार आरोपी मंगला क्षेत्र के आजाद चौक, मां ज्वेलरी शॉप, कुदुदण्ड और मैत्री विहार कॉलोनी में सूने मकानों और ज्वेलरी दुकानों को निशाना बनाते थे। ये आरोपी मकानों के ताले तोड़कर और दुकानों के शटर में कट लगाकर चोरी की घटनाओं को अंजाम देते थे।

120 सीसीटीवी फुटेज से हुई पहचान
दिनांक 24–25 जनवरी 2026 की दरमियानी रात मां ज्वेलर्स में हुई चोरी की सूचना पर पुलिस ने गंभीरता से जांच शुरू की। घटना स्थल के आसपास लगे करीब 120 सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले गए, जिसके आधार पर आरोपियों की पहचान कर उन्हें पकड़ने में सफलता मिली।
पूछताछ में कई चोरियों का खुलासा
गिरफ्तार आरोपियों ने पूछताछ में सन सिटी मंगला, कुदुदण्ड चांदनी चौक और आकाश मार्ग, मैत्री विहार कॉलोनी में भी चोरी की घटनाएं करना स्वीकार किया है। चोरी के बाद आरोपी आपस में जेवर और नगदी बांटकर अलग-अलग स्थानों पर छिपा देते थे, जिसे पुलिस ने बरामद कर लिया।
बरामद मशरूका
चांदी के जेवरात – लगभग 1 किलोग्राम
सोने जैसे आर्टिफिशियल आभूषण
नगदी – ₹75,000
जेवरात की अनुमानित कीमत – ₹3,75,000
कुल बरामदगी – ₹4,50,000
गिरफ्तार आरोपी
सोनू उर्फ शिवा सूर्यवंशी (20 वर्ष) – आजाद चौक, जैतखाम के पास
राहुल सूर्यवंशी (19 वर्ष) – आजाद चौक मंगला
आदित्य सूर्यवंशी (19 वर्ष) – आजाद चौक मंगला
नंद कुमार केवट (19 वर्ष) – पटेल भवन के पास, मंगला
सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।
पुलिस टीम की रही अहम भूमिका
यह कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के निर्देश और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर) व नगर पुलिस अधीक्षक सिविल लाइन के मार्गदर्शन में की गई। थाना सिविल लाइन प्रभारी निरीक्षक सुम्मत राम साहू के नेतृत्व में उपनिरीक्षक अमृत साहू, विष्णु प्रसाद साहू, पुन्नी खांडे, शैलेष सिंह,वीरेंद्र राजपूत, आशीष राठौर,केशव नार्को सहित पुलिस स्टाफ की विशेष भूमिका रही।
बिलासपुर पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि घर या दुकान खाली छोड़ते समय सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम करें और संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तुरंत पुलिस को दें।