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बिलासपुर

महिला दिवस पर भी सड़क पर संघर्ष: 108 दिनों से धरने पर बैठीं लिंगियाडीह की महिलाएं

बिलासपुर। एक ओर जहां पूरे देश में आज अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर महिलाओं के सम्मान, अधिकार और सशक्तिकरण की बातें की जा रही हैं, वहीं बिलासपुर के लिंगियाडीह क्षेत्र में महिलाओं की पीड़ा एक अलग ही कहानी बयां कर रही है। अपने घर और आशियाने को बचाने के लिए यहां की महिलाएं पिछले 108 दिनों से लगातार धरने पर बैठी हुई हैं, लेकिन अब तक शासन-प्रशासन की ओर से उनकी समस्याओं पर कोई ठोस पहल नहीं की गई है।

धरने पर बैठी महिलाओं का कहना है कि वे अपने परिवार और बच्चों के साथ अपने घरों को बचाने के लिए लगातार संघर्ष कर रही हैं। ठंड, धूप और कठिन परिस्थितियों के बावजूद वे आंदोलन से पीछे नहीं हटी हैं, लेकिन उनकी आवाज अब तक जिम्मेदार अधिकारियों तक नहीं पहुंच पाई है।

महिलाओं ने कहा कि जब पूरा देश महिला दिवस के मौके पर महिलाओं के सम्मान और सशक्तिकरण की बात कर रहा है, तब लिंगियाडीह की महिलाएं पिछले 108 दिनों से सड़क पर बैठकर अपने अधिकारों के लिए संघर्ष कर रही हैं। इसके बावजूद उनकी मांगों पर कोई ठोस सुनवाई नहीं हो रही है। उनका कहना है कि महिला दिवस जैसे दिन पर भी उनकी उपेक्षा होना महिलाओं के सम्मान के साथ अन्याय और अपमान के समान है।

पार्षद दिलीप पाटिल के नेतृत्व में चल रहा “लिंगियाडीह बचाओ आंदोलन” लगातार जारी है। आंदोलन में शामिल महिलाओं और स्थानीय लोगों ने शासन-प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द उनकी समस्याओं का समाधान किया जाए और उनके घरों को बचाने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं, ताकि उन्हें अपने ही आशियाने से बेघर होने का डर न रहे।