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बिलासपुर

कोटा क्षेत्र में लगातार शिकायत के बाद भी दिन रात अवैध रेत उत्खनन जारी, भाजपा के जिलाध्यक्ष ने खनिज विभाग के अधिकारियों पर उठाए सवाल,कलेक्टर से बीजेपी नेता ने की शिकायत

बिलासपुर। जिले में अवैध रेत उत्खनन को लेकर सियासी माहौल अचानक गरमा गया है। भारतीय जनता पार्टी के जिला ग्रामीण अध्यक्ष मोहित जायसवाल ने जिला प्रशासन और खनिज विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए बड़े खनिज माफियाओं को संरक्षण दिए जाने का आरोप लगाया है।

कलेक्ट्रेट में खुलकर बोले BJP नेता


बुधवार को कलेक्ट्रेट परिसर में मीडिया से चर्चा के दौरान मोहित जायसवाल ने कहा कि कोटा–बेलगहना क्षेत्र में अवैध रेत उत्खनन खुलेआम जारी है, लेकिन जिम्मेदार विभाग इस पर प्रभावी कार्रवाई नहीं कर रहे हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि खनिज विभाग केवल छोटे ट्रैक्टर चालकों पर कार्रवाई कर औपचारिकता निभा रहा है, जबकि बड़े स्तर पर मशीनों के जरिए हो रहे अवैध उत्खनन को नजरअंदाज किया जा रहा है।

छोटों पर कार्रवाई, बड़े माफिया बेखौफ”

जायसवाल ने कहा कि छोटे वाहन चालकों को पकड़कर खानापूर्ति की जा रही है, जबकि पोकलेन मशीनों से अवैध उत्खनन करने वाले बड़े माफियाओं पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो रही। इससे प्रशासनिक कार्रवाई की निष्पक्षता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

अरपा नदी में बड़े पैमाने पर उत्खनन का आरोप

भाजपा नेता ने विशेष रूप से अरपा नदी का उल्लेख करते हुए कहा कि यहां से बड़े पैमाने पर रेत का अवैध उत्खनन किया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि नदी से लगातार रेत निकासी हो रही है
परिवहन बिना रोक-टोक जारी है । स्थानीय स्तर पर लगातार शिकायतें मिल रही हैं,यह मामला पर्यावरणीय नुकसान और राजस्व हानि दोनों दृष्टि से गंभीर बताया जा रहा है।

शिकायत के बाद भी नहीं दिखा असर

जायसवाल के मुताबिक इस मामले की शिकायत जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों से की जा चुकी है। अधिकारियों द्वारा जांच और कार्रवाई का आश्वासन दिया गया, लेकिन जमीनी स्तर पर अब तक कोई ठोस बदलाव नजर नहीं आया।

अपनी ही सरकार पर सख्त रुख

सबसे अहम बात यह रही कि भाजपा नेता ने अपनी ही सरकार को लेकर सख्त संदेश देते हुए कहा कि “भाजपा सरकार में यह सब नहीं चलेगा।” इस बयान को राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि यह पार्टी के भीतर से ही प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर उठते सवालों को दर्शाता है।

खनिज विभाग पर उठे सवाल

पूरे मामले में खनिज विभाग की भूमिका पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। जायसवाल ने संकेत दिए कि बड़े स्तर पर अवैध उत्खनन बिना किसी संरक्षण के संभव नहीं है। हालांकि, इस संबंध में अभी तक विभाग या जिला प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

क्या प्रशासन बड़े माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई करता है
जांच में कोई बड़े नाम सामने आते हैं या नहीं या मामला केवल बयानबाजी तक सीमित रह जाता है फिलहाल, बिलासपुर में अवैध रेत उत्खनन को लेकर सियासत और प्रशासन आमने-सामने नजर आ रहे हैं, और आने वाले दिनों में यह विवाद और तेज हो सकता है।

मोहित जायसवाल (बीजेपी ग्रामीण जिलाध्यक्ष)