
बिलासपुर : मस्तूरी विकास खंड के ग्राम पंचायत कोकड़ी में स्थापित कालिंद्री स्पात प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के खिलाफ 17 दिनों से चले आ रहे महा जन आंदोलन आज समाप्त हो गया।
यह आंदोलन कालिंद्री प्रबंधन से निकलने वाले धूवें से आसपास के ग्रामीणों का जीवन दुश्वार हो गया था। साथ ही इनसे उड़ने वाले डस्ट से खेती किसानी पर भी बुरा असर पड़ रहा था, नल कूप से अंधाधुन जल के दोहन से जल का श्रोत दिनो दिन नीचे जा रहा था लोगो को गर्मी के दिनों में पीने का पानी भी सही मात्रा में नही मिल रहा था तथा आऊट सोर्शिंग बंद कर स्थानीय लोगों को रोजगार देने मांग को लेकर ग्रामीणों ने हजारों की संख्या में प्लांट के सामने टैंट लगाकर सुबह सात बजे से ही आंदोलन शुरू कर दिया था। जहां मस्तुरी तहसीलदार, न्याब तहसीलदार, पचपेड़ी थाना प्रभारी बल के साथ तैनात रहे वहीं आस पास के ग्रामीणों की मांग थी कि कंपनी पर लगे सारे आरोपों की जांच होनी चाहिए और प्लांट बंद होना चाहिए जिस पर प्लांट प्रबंधन के मुख्या आंनद सिघानिया ने सभी के बीच उपस्थित होकर प्लांट बंद मांग को स्वीकार करते हुए तत्काल बंद करने की बात कही।

प्रबंधन ने कहां की वे उनकी मांगों को स्वीकार करते हुऐ तब तक प्लांट बंद रखेंगे जब तक जांच चलती रहेगी जांच उपरांत ही प्लांट को प्रारम्भ किया जाएगा वही मौके पर पहुंचे मस्तूरी तहसीलदार अभिषेक राठौर ने उपस्थित सभी ग्रामीणों से अनुरोध किया कि उनकी मांगे प्लांट प्रबंधन के द्वारा मान ली है। तब आंदोलनकारी आन्दोलन खत्म कर धीरे-धीरे अपने घर की ओर चले गए।
प्लांट प्रबंधन के खिलाफ 17 दिनों से चल रहे आंदोलन में ग्रामीणों ने अपनी ताकत लगा दिया था की किसी भी हाल में प्लांट बंद होना चाहिए । कुछ समय के लिए आंदोलनकारी उग्र हो गए थे लेकिन तहसीलदार और थाना प्रभारी की समझाइश पर शांत हो गए।अन्ततः प्लांट प्रबंधन को झुकना पड़ा और प्लांट की जाँच होने तक खुद बंद करने की बात कही गई । इस आन्दोलन में आसपास के सरपंच पंच, जन प्रतिनिधि और दो हजार की संख्या में ग्रामीण उपास्थित रहे।