
बिलासपुर : नाबालिग 9 साल की बेटी के साथ गलत काम करने वाले पिता से पैसे लेकर आरोपी को बचा रही है CWC बिलासपुर, बच्ची की मां का आरोप के सम्बन्ध मे मीडिया रिपोर्ट से प्राप्त जानकारी को संज्ञान में लेते हुए राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग,दिल्ली ने इस पूरे मामले पर कलेक्टर से जवाब मांगा है।
राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने अपने पत्र में लिखा है कि आयोग की स्थापना भारत सरकार द्वारा बाल अधिकार संरक्षण आयोग अधिनियम 2005 की धारा 13(1) (J) के अंतर्गत उन सभी शिकायतों की जांच करना है, जो बाल अधिकारों का हनन अथवा उनको वंचित करती है। आयोग को पोक्सो अधिनियम, 2012 की धारा 44 एवं नियम 12 पोक्सो नियम 2020 के अंतर्गत अधिनियम के क्रियान्वयन को निगरानी का अध्यादेश दिया गया है। सीपीसीआर अधिनियम 2005 की धारा 14 के अंतर्गत आयोग को धारा 13 की उपधारा (1) खण्ड (i) में निर्दिष्ट किसी विषय की जांच करते समय वे सभी शक्तिया है जो सिविल प्रक्रिया संहिता, 1908 1908 का 5) के अधीन किसी वाद का विचारण करते समय सिविल न्यायालय को होती है। आयोग ने सीपीसीआर अधिनियम 2005 की धारा 13 (1) (i) के अंतर्गत उपरोक्त विषय का स्वतः संज्ञान लिया है।
न्यूज़ रिपोर्ट के अनुसार मामले का विवरण निम्न प्रकार है:
“बिलासपुर में रायगढ़ के एक्परिवार की 9 वर्षीय बालिका का उसके पिता द्वारा किये गए शोषण के बाद, पिछले 2 माह से ज्यादा से उनकी बच्ची को CWC सेंटर में रख दिया गया और आज तक उनकी मां को बच्ची वापस नहीं की गई है और न ही उनसे मिलने दिया जा रहा है। एवम उनकी बच्ची से CWC के लोगो द्वारा बयान बदलने के लिए बोला जा रहा है। उनकी मां एवम मामा परिवार आज २ महीने से ज्यादा समय से हर दरवाजे पर गए पर अभी तक उनको बच्ची CWC से नही मिली अब बिलासपुर कलेक्टर कार्यालय के सामने बच्ची के वापसी देने के लिए धरना दिया जा रहा है।”
