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बड़ी ख़बर : •बहु चर्चित प्रापर्टी डीलर वकील अंसारी अपहरण कांड का हुआ खुलासा •ब्लैकमेल कर पैसा ऐठने के चक्कर में किया गया अपहरण •प्लान फेल हो जाने पर कर दी गई हत्या

बिलासपुर : आसमां सिटी में रहने वाले चर्चित प्रॉपर्टी डीलर वकील अंसारी अपहरण कांड मामले का शनिवार को को पुलिस ने खुलासा किया ।

मामले में पुलिस ने बताया कि आरोपीयो का जुआ सट्टे का काम था और वे कर्ज से परेशान थे जिनकी ब्लैक मेलिंग कर पैसे लूटने की इनकी योजना थी लेकिन जब इनकी योजना असफल हो गई तो वे उसकी हत्या कर दिए।

इस पूरे मामले का खुलासा करते हुए एसएसपी श्रीमती पारुर माथुर ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि मृतक वकील अंसारी की पत्नी अकबरी खातून द्वारा सकरी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी की उनके पति 03 नवंबर 2022 को घर से अंबिकापुर जाने के लिए निकलने के बाद से 04 नवंबर 2022 की रात्रि तक वापस नही आए हुए है, वही वकील अंसारी के एक मित्र आर एस बगड़िया ने बताया कि उसे वकील अंसारी का कॉल आया था कॉल में उसने उन्हें बताया है की उसका किसी ने अपहरण कर लिया है और पैसे की मांग कर रहे है जिसकी जानकारी उन्होंने उनकी पत्नी को दिया। पत्नी द्वारा इस बात की जानकारी सकरी थाने को दी गई। तत्पश्चात सकरी थाने ने गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कर प्रकरण को तत्काल जांच में लिया ।

इसके पश्चात पुलिस अपहरण का मामला मानते हुए तत्काल जांच में जुट गई, पुलिस ने जांच में वकील अंसारी के कॉल डिटेल, सीडीआर और एटीएम, फोन पे से पैसों के लेनदेन पर नजर बनाए हुए थे, इसी दौरान पुलिस को पता चला कि जहाँ जहाँ से पैसे निकाले गए वहाँ वहा कुछ एक नम्बर लगातार एक्टिव नजर आए , जिसकी जांच के बाद इस पूरे मामले का खुलासा हुआ।

दरअसल भिलाई निवासी हेमंत साहू जुआ सट्टे का काम करता है, जो कर्ज में डूबा हुआ है, नौकरी की तलाश में अपनी पत्नी संतोषी वर्मा के साथ बिलासपुर आया हुआ था इस दौरान माह अक्तूबर में भाटापारा के एक पेट्रोल पंप में उनकी मुलाकात वकील अंसारी से हुई, जहाँ उसने काम देने की मांग की। तब वकील अंसारी ने अपने आप को पेट्रोल पंप का मालिक बताया था।

वही मुख्य आरोपी मास्टरमाइंड हेमंत साहू के मन में पैसे की जरूरत और लालच सामने आ गई और वकील अंसारी को फंसाकर ब्लैकमेल करने की योजना बनाई और इस योजना में जुट गया। योजना के अनुसार आरोपी की पत्नी संतोषी वर्मा, वकील अंसारी के साथ 03 नवंबर को अंबिकापुर जाने निकले जिन्हें रंगे हाथों पकड़कर ब्लैकमेल करने की योजना के साथ हेमंत साहू अपने साथी गणेश यादव के साथ पीछे पीछे कार में जा रहे थे, लेकिन उनकी कार पीछे रह गई और वकील अंसारी संतोषी के साथ अंबिकापुर पहुँच गए । जहाँ दोनों होटल में रुके और दूसरे दिन बिलासपुर के लिए वापस लौट रहे थे, तभी हेमंत और गणेश ने उन्हें सकरी बाईपास के पास रास्ते में रोककर अपनी पत्नी से अवैध संबंध होने की बात कहते हुए विवाद किया और अपनी कार में डालकर ले गए, जिन्होंने पैसों की डिमांड की और मारपीट करने लगे इसी दौरान आरोपियों ने फोन, एटीएम सहित अन्य जानकारियां हासिल कर ली, विवाद के दौरान ही प्रॉपर्टी डीलर पर पेपर कटर से हमला किया गया था, जिससे वकील अंसारी की रास्ते मे ही मौत हो गई। जिसे आरोपी बलौदाबाजार से होते हुए केशकाल ले गए,जहाँ उन्होंने शव को पहाड़ी से नीचे फेंक दिया और ठिकाने लगाकर फरार हो गए।

•गिरफ्तार आरोपीयों के नाम :

मामले में पुलिस ने तीनों आरोपी हेमंत साहू, संतोषी वर्मा और गणेश यादव को गिरफ़्तार कर लिया है, वही शव में मिले साक्ष्य के आधार पर मृतिका की पत्नी ने शव की पहचान भी कर ली है, लिहाजा अपहरण, हत्या और साक्ष्य छिपाने के अपराध पर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर रिमांड पर भेज दिया गया है।

•पुलिस की जांच टीम जिनका योगदान सराहनीय रहा –

उपरोक्त कार्यवाही में सकरी थाना प्रभारी सागर पाठक, एसीसीयू प्रभारी धर्मेंद्र वैष्णव, अजय वारे, हेमंत आदित्य, जीवन साहू, राजेश्वर क्षत्रि, हेमंत सिंह, सुनील सूर्यवंशी, मालिक राम साहू, सुनीता ध्रुव, तरुण केशरवानी आदि का सराहनीय योगदान रहा।