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बिलासपुर

वीडियो : जगह एवम परिस्थितियों के हिसाब से प्राथमिकताएं तय होती है, ये जरूर है कि पिछला अनुभव आपका काम आता है : एसपी संतोष सिंह

बिलासपुर : जगह एवम परिस्थितियों के हिसाब से प्राथमिकताएं अलग- अलग होती है, बिलासपुर की परिस्थितियों को समझ कर यहां की आवश्यकताओ के अनुसार प्राथमिकता तय की जायेगी, उक्त बाते जिले के नए एसपी संतोष सिंह ने कही।

बिलासपुर जिले के नए पुलिस अधीक्षक संतोष सिंह ने आज सुबह अपना पदभार ग्रहण के पश्चात सर्व प्रथम मीडिया से मुखातिब हुए।

उन्होंने पत्रकारों को अपना परिचय देते हुए बताया कि वे 2011 बेच के आईपीएस है, वे उत्तरप्रदेश के गाजीपुर शहर के रहने वाले है, उनकी प्रारंभिक शिक्षा नवोदय विद्यालय से हुई है , वे बीएचयू से पॉलिटिकल साइंस से पीजी किया है, ग्रेजुएशन में वे यूनिवर्सिटी टॉप भी किये थे एवम ग्रेजुएशन व मास्टर्स दोनो में वे गोल्डमेडलिस्ट रहे ।

उन्होंने आगे बताया कि वे जेएनयू से एमफिल किया है, जहा इंटरनेशनल रिलेशंस में संयुक्त राष्ट संघ के सुरक्षा परिषद के संबंध में उनकी थीसिस रही है। वही पीएचडी जेएनयू से ही कर रहे थे लेकिन सर्विस में आने के बाद वे उसे कंप्लीट नही कर पाए थे जो अब वे अन्य विश्व विद्यालय से उसे कंप्लीट करने जा रहे है।

अपने परिवार के बारे में बात करते हुए उन्होंने बताया कि उनके पिता उत्तर प्रदेश में ही रहते है , एक प्रसिद्ध अखबार के बहुत ही सीनियर जर्नलिस्ट है, 1991 से पत्रकारिता कर रहे है, इसलिए कही न कही उनका भी जुड़ाव प्रेस से रहता है।

अपनी पोस्टिंग के संबंध में बताया कि उनकी सर्व प्रथम पोस्टिंग छत्तीसगढ़ के दुर्ग में एडिशन एसपी के रूप में हुई थी फिर वे सुकुमा नक्सली बेल्ट में 2 साल रहे फिर सरकार ने उन्हें सर्व प्रथम एसपी के रूप में कोंडागांव की जवाबदारी सौपी, फिर नारायणपुर, महासमुंद, रायगढ़ एवम अल्प समय के लिए कोरिया, राजनांदगांव अपनी सेवाए दी है, इसके बाद कोरबा और अब उन्हें बिलासपुर जिले का एसपी बनाया गया है।

उन्होंने बताया कि हर जिले की अलग- अलग समस्याएं रहती है, नक्सली क्षेत्रों की अलग होती है, तो यहां की कुछ अलग होगी,मुझे जो बिलासपुर का मौका दिया है वह बड़ी ही जिम्मेदारीपूर्ण है , ये महत्व नही रखता की आप कहा- कहा काम किए है, हर जगह की परिस्थितियां अलग – अलग होती है, ये जरूर है की पिछला अनुभव आपका काम आता है, यहां की चुनौतियों के हिसाब से.. यहां की समस्याओं के हिसाब से.. यहां की जरूरतो को समझ ले फिर यहा की भी प्राथमिकताएं तय की जायेगी।