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बिलासपुर

आंगनबाड़ी सहायिका व कार्यकर्ता पिछले 36 दिनो से अपनी 06 सूत्रीय मांगों को लेकर आंदोलनरत , सरकार की दमनकारी आदेश के खिलाफ राज्यपाल के नाम कलेक्टर को सौपा ज्ञापन

बिलासपुर : आंगनबाड़ी कार्यकर्ता पिछले 36 दिनो से अपनी 06 सूत्रीय मांगों को लेकर प्रदेश भर में आंदोलनरत है।

प्रदेश भर की लगभग 01 लाख आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायिकाएं अपने – अपने जिलो में अपनी मांगो को लेकर धरने में बैठी हुई है। वही इस आंदोलन से प्रदेश भर की 46660 आंगनबाड़ी और 6548 मिनी आंगनबाड़ी केंद्रों में ताला जड़ा हुआ है, जिससे महिला बाल विकास सहित शासन की कई महत्वपूर्ण योजनाये ठप्प पड़ी हुई है।

इधर बिलासपुर में भी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायिका अपनी 06 सूत्रीय मांगो को लेकर पिछले 36 दिनो से आंदोलनरत है। जो मंगलवार को अपने आंदोलन स्थल कोन्हर गार्डन से रैली निकाल कर बड़ी संख्या में जिले भर की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवम सहायिकाओ ने अपनी मांगो को लेकर राज्यपाल के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपी।

कलेक्टर को दिये अपने ज्ञापन में लिखा है कि हम एक लाख आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका को जीने लायक वेतन, सेवा निवृति पर पेंशन, ग्रेच्युटी और अकाश्मिक मृत्यु और दुर्घटना पर समूह बीमा सरकार से मांग की गई है एवम सरकार के द्वारा चुनाव के पूर्व उनसे किए गए वादों को याद दिलाया गया है।

संघ के जिलाध्यक्ष भारती मिश्रा ने बताया कि शासन को समय पर दिनांक 30-12-2022 को ही सूचना दिया जा चुका है इसके बावजूद भी शासन द्वारा वार्ता के माध्यम से मांगों की पूर्ति करने के बजाय दिनांक 13-01-2023 को संचालनालय स्तर से एक आदेश जारी कर आगनबाड़ी केन्द्रो की चाबी सौंपने रिकव्हरी करने और 48 घन्टे के अंदर कार्य पर वापस नहीं होने पर सेवा से पृथक करने जैसे दमनकारी आदेश जारी कर भयादोहन किया जा रहा है।

भारती मिश्रा ने आगे जानकारी दी कि हमारी 06 सूत्रीय मांगों में से कुछ मांगे अनार्थिक मागे भी है जिसके आदेश जारी करने से सरकार के ऊपर कोई आर्थिक भार भी नहीं आयेगा. उसके बावजूद भी ऐसे मांगो पर आदेश जारी नहीं किया जा रहा है और नहीं बिन्दुवार चर्चा नही किया जाना लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हनन है।