जिला सहकारी बैंक की मंडी शाखा के कुछ कर्मचारियों की मिली भगत से लगभग 70 किसानो के खाते से करोड़ो रूपये हुए गायब, पिछले 05 महीनो से किसान अपने पैसे वापस पाने काट रहे है बैंको के चक्कर

बिलासपुर। जिला सहकारी बैंक बिलासपुर की मंडी शाखा के कुछ कर्मचारियों द्वारा कुटरंचना कर लगभग 70 किसानो के जमा अमानत खाते से करोड़ो रूपये का गबन का मामला सामने आया है।
बता दे कि सहकारी बैंक बिलासपुर के मंडी शाखा में जमा किए 70 किसानो का पैसा खाते से अचानक गायब हो गया है, हैरत कि बात यह है कि घटना को 5 माह बीत जाने पश्चात भी उक्त किसानो की रकम उसे वापस नही मिल पा रही है, न ही बैंको द्वारा उन्हें रकम वापसी की कोई जानकारी मिल पर रही है, जबकि ये किसान लगभग 10 बार जिला प्रशासन से लेकर मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौप चुके है। हर बार इन्हे जिला सहकारी बैंक प्रबंधन द्वारा केवल जांच प्रक्रिया का आश्वासन ही दिया जा रहा है।
बरहाल प्रभावित किसानों के पैसे वापसी का ठोस जवाब बैंक से नहीं मिल पाने के कारण उन्होंने कृषक जांच प्रक्रिया में परिर्वतन कर न्यायिक जांच की मांग की है। ताकि किसानों को न्याय एवं अमानत की राशि वापस मिल सके। साथ ही आज भारतीय किसान संघ के बैनर तले पीड़ित किसानों ने नेहरू चौक में सांकेतिक धरना दे कर शासन प्रशासन को जगाने का प्रयास किया है।
भारतीय किसान संघ के जिलाध्यक्ष धीरेंद्र दुबे ने इस विषय पर मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि बैंक कर्मचारियों की मिली भगत से लगभग 70 किसानो के करोड़ो रुपए की राशि जो की गबन कर लिया गया है, किसानो में किसी ने चना बेचकर, तो किसी ने धन बेच कर तो किसी ने अपनी पूंजी बचा कर अपने जीवन की गाढ़ी कमाई को जिला सहकारी बैंक के मंडी शाखा में जमा कराई थी। जो पैसा बैंक कर्मचारियों के द्वारा गबन कर लिया गया है।
आज 05 माह में किसान संघ द्वारा बैंक, जिला प्रशासन, मंत्री, मुख्यमंत्री तक ज्ञापन देते देते थक चुका है और थकने के कारण आज किसान सड़क पर बैठा है। जिला सहकारी बैंक के द्वारा सिर्फ जांच का आश्वासन ही दिया जा रहा है। जो जांच प्रक्रिया आज तक किसानो को समझ नही आई है।अब जिला सहकारी बैंक की जांच पर भरोसा नही रहा। यह बैंक भष्टाचार बैंक के रूप में स्थापित होते जा रहा है । हमारा जो मांग है कि निष्पक्ष न्यायिक जांच हो और तत्काल किसानो का वैसा उन्हे वापस मिलना चाहिए ।
आज यह एक अहिंसात्मक सांकेतिक आंदोलन है लेकिन आने वाले समय में उग्र बड़ा आंदोलन किया जाएगा।