हिंदुस्तान आर्ट एंड म्यूजिक सोसायटी एवं नृत्य धारा डांस एकेडमी द्वारा आयोजित “भारत संस्कृति यात्रा” का सातवां कार्यक्रम लखीराम अग्रवाल स्मृति सभागृह में संपन्न हुआ, गुरु गजेंद्र कुमार पंडा एवं आंचल पांडे ने दी अर्धनारेश्वर की अदभुत प्रस्तुति,

बिलासपुर । हिंदुस्तान आर्ट एंड म्यूजिक सोसायटी एवं नृत्य धारा डांस एकेडमी द्वारा आयोजित “भारत संस्कृति यात्रा” का सातवां कार्यक्रम शनिवार को लखीराम अग्रवाल स्मृति सभागृह में संपन्न हुआ ।

उद्घाटन समारोह में दीप प्रज्वलन अमर अग्रवाल (पूर्व मंत्री छत्तीसगढ़, शासन), सुरेश ठाकुर (डीआईजी फायर एसडीआरएफ) , डॉ विनय पाठक( पूर्व अध्यक्ष छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग), नैशनल यूथ अवॉर्डी श्रीमती अंकिता शुक्ला, हिंदुस्तान आर्ट एंड म्यूजिक सोसाइटी के केंद्रीय अध्यक्ष पंडित प्रोसेनजीत पोद्दार, डॉक्टर गुरु गजेंद्र पंडा , नित्य धारा डांस एकेडमी की निर्देशिका सुश्री आंचल पांडे द्वारा किया गया।

इसके पश्चात आगंतुक अतिथियों का स्वागत नृत्य धारा डांस एकेडमी के सदस्यों के द्वारा किया गया। तत्पश्चात हिंदुस्तान आर्ट एंड म्यूजिक सोसायटी के केंद्रीय अध्यक्ष पंडित प्रसनजीत पोद्दार के द्वारा उद्बोधन दिया गया ।जिसमें बताया कि हमारा उद्देश्य सांस्कृतिक नृत्य एवं संगीत को देश एवं विदेश के कोने-कोने तक पहुंचाने का है एवं यंग आर्टिस्ट को अपने छिपे हुए कला का प्रदर्शन करने का एक मंच प्रदान करता है इसके बाद सभी अतिथियों ने आशीर्वचन दिया ।

इसके पश्चात पहली प्रस्तुति डॉ गुरु गजेंद्र कुमार पंडा एवं आंचल पांडे के द्वारा अर्धनारेश्वर का प्रदर्शन किया गया ।
जिसमे बताया गया कि भगवान शिव जी के अष्ट अवतार का या शेष अवतार अर्धनारेश्वर है जिसमे भगवान अपने शरीर का दाहिने अंग शिव और बाएं अंग पार्वती है यह अर्धनारेश्वर का स्वरूप है जो भगवान शिव के रूप में तांडव का भाव प्रकट करते हैं और पार्वती के रूप में लास्य से, तो यह तांडव और लास्य का प्रतीक है अर्धनारेश्वर ।

तत्पश्चात बिलासपुर की अंतरराष्ट्रीय उडीसी एवं कत्थक नृत्यांगना आंचल पांडे के द्वारा ओडिया भजन मानव उद्धरण में एकल प्रस्तुति दी गई।
जिसमें बताया गया की है भगवान हे जगत के नाथ आप रत्न सिंहासन और कल्पवृक्ष के नीचे विराजमान है एवं समुद्र के किनारे पुरी धाम में आप मार्कडेय ऋषि को प्रलय से बाएं हाथ से निकाल कर उनका उदाहरण किए हैं एवं हाथी को मगरमच्छ से बचाकर उनका रक्षा किए हैं और द्रोपदी को चीर हरण के समय उन्हें वस्त्र प्रदान कर उनकी लज्जा बचाए हैं है नाथ मुझे भी इस भव संसार से उद्धार कीजिए।

कथक की प्रस्तुति श्रीमती श्रीपर्णा चक्रवर्ती के द्वारा दिया गया दुर्गा स्तुति विलंबित तीनताल, द्रोपती चिरहरण, हत तीन ताल, उस्ताद कमल सबरी एवं श्री इंद्रजीत बासु का सारंगी एवं बांसुरी का जुगलबंदी हुआ जिसमें प्रोफेसर कुणाल दास गुप्ता उनके साथ तबला में संगत दिए राग पटदीप (एक ताल, मध्य ताल, एवं द्रुत लय, धुन खमाज, सुश्री श्रद्धा मंडल भजन गायिका द्वारा लाइट क्लासिकल वोकल का प्रदर्शन हुआ ।
अंतिम में नृत्यधारा डांस एकेडमी बिलासपुर के बच्चे सुश्री अंकिता शर्मा, आकांक्षा शर्मा, आराध्या तिवारी द्वारा ओडीसी अभिनय जो कृष्ण जी के लीलाओं को नृत्य के माध्यम से दिखाया गया। सभी कलाकारों की प्रस्तुति ने दर्शकों का मन मोह लिया।
हिंदुस्तान आर्ट एंड म्यूजिक सोसाइटी का मूल उद्देश्य हमेशा संगीत कला की प्रतिष्ठा को पुनर्जीवित करना रहा है। जिसमे मुखर संगीत वाद्य संगीत और नित्य शामिल है और इस कला को बड़े पैमाने पर लोगों तक पहुंचाने के अलावा भारत में और विदेशों में भी इस कला में व्यवस्थित प्रशिक्षण आयोजित करना है।
आपको यह जानकर प्रसन्नता होगी कि भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय आर्ट एंड म्यूजिक सोसायटी भारत संस्कृति यात्रा 2023″ का आयोजन करने जा रही है। जिसने पांच देश 18 राज्यों 26 शहरों में 100 से ज्यादा कलाकारों के साथ आयोजन करेंगे। भारत के विभिन्न भागों में 35 कार्यक्रम होगा। यह कार्यक्रम 4 फरवरी 2023 मलेशिया कुआलालंपुर में भारतीय दूतावास के सहयोग से अनुस्ठित होकर शुरू हुआ इसके बाद भारत में गिरिडीह वाराणसी, थाईलैंड में बैंकॉक शहर में अनुष्ठित हुए और यह संस्कृति यात्रा 30 दिसंबर 2023 तक भारत में असम, बिहार, छत्तीसगढ़, दिल्ली, गुजरात हरियाणा झारखंड, कर्नाटक, महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश, राजस्थान, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश, और पश्चिम बंगाल में प्रदर्शित होगा।
कार्यक्रम का समापन में हिंदुस्तान आर्ट एंड म्यूजिक सोसाइटी के केंद्रीय सचिव पंडित प्रोसेनजीत पोद्दार एवं नृत्य डांस अकॅडमी की निर्देशिका आंचल पांडे द्वारा आभार प्रदर्शन कर की गई।