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बिलासपुर

•फर्जी जाति प्रमाण पत्र के आधार पर नौकरी कर रहे लोगो के विरुद्ध कार्यवाही की मांग की लेकर निर्वस्त्र होकर प्रदर्शन करने वाले प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने डाला जेल में •आंदोलनकारियों की निःशर्त रिहाई की मांग को लेकर एसटी /एससी संगठन आया सामने

बिलासपुर। अनुसूचित जाति एवम अनुसूचित जन जाति की फर्जी जाति प्रमाण पत्र के आधार पर शासकीय नौकरी में आरक्षण का लाभ लेते हुए 257 लोग शासकीय नौकरी कर रहे है, जिस पर कार्यवाही को लेकर एसटी/एससी युवाओं ने विगत दिनों अर्धनग्न हो कर राजधानी में प्रदर्शन किया था। लेकिन शासन ने उन प्रदर्शनकारियों पर कार्यवाही करते हुए उन सभी को हवालात में बंद कर दिया है। जिसकी निशर्त रिहाई एवम फर्जी जाति प्रमाण पत्र के आधार पर नौकरी कर रहे लोगो पर कार्यवाही को लेकर आज एसटी/एससी संगठन के पदाधिकारियों ने सयुक्त प्रेस कांफ्रेंस की।

ज्ञात हो के 03/02/2020 को सामान्य प्रशासन विभाग छत्तीसगढ़ शासन ने अपने पत्र जारी कर संबंधित विभाग को अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के फर्जी जाति प्रमाण पत्र पर नौकरी कर रहे ऐसे 257 लोगों के विरुद्ध कार्य करने का आदेश जारी किया । लेकिन लंबे समय बीत जाने के बाद भी शासन के द्वारा इनके विरुद्ध कोई कार्यवाही नही किए जाने पर 29 युवाओ ने 28 जुलाई को विधानसभा के सामने नग्न प्रदर्शन किया। जिसे लेकर सोशल मीडिया में जम कर हो हल्ला मचा रहा। तब सरकार ने उन सभी प्रदर्शनकारियों पर कार्यवाही करते हुए सभी को जेल में बंद कर दिया ।

संगठन के पदाधिकारी जितेंद्र बंजारे ने प्रेस कांफ्रेंस करते हुए कहा की सरकार ने प्रदर्शनकारियों पर लोक सेवक पर हमला करने जैसी झूठी धारा लगाकर उनके मनोबल को तोड़ने के लिए आंदोलन को कुचलने के लिए ताकि भविष्य में कभी अपने अधिकार की लड़ाई ना ला लड़ सके ऐसो कुत्सित मानसिकता के साथ गंभीर धाराओं के तहत कार्रवाई किया है और उन्हें जेल में बंद कर रखा है, इसके अलावा जो युवा इस आंदोलन में भाग नहीं ले रहे थे ऐसे 6 युवाओं को भी बिलासपुर जेल में बंद कर रखा है, कई सामाजिक कार्यकताओं के घर मे जाकर पुलिस द्वारा धमकाया गया है, इस तरह सरकार के द्वारा कानून का खुलेआम दुरुपयोग किया गया है। हमारे आंदोलन के बाद दिनांक 20/07/2023 को 11 फर्जी जाति प्रमाणपत्र धारकों पर कार्रवाई का आदेश हुआ है।

विदित हो कि उपरोक्त फर्जी जाति प्रमाण पत्र का पोटाला विगत 23 वर्षों में हुआ है जिसमें 15 वर्ष तक बीजेपी की सरकार थी जिनके कार्यकाल में जी जाति प्रमाण पत्र के सहारे सामान्य वर्ग के लोगों ने नौकरी प्राप्त की है और इस तरह शासन और वास्तविक अनुसूचित जाति जनजाति के लोगों को नुकसान पहुंचाया है पिछले 4 साल से कांग्रेस की सरकार है इसने भी उन फर्जी जाति प्रमाणपत्र धारकों के ऊपर कार्यवाही ना करते हुए बल्कि उन अपराधियों को संरक्षण दिया है, इस तरह से बीजेपी और कांग्रेस दोनों ही पार्टी की सरकार अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के लोगों के साथ विश्वासघात और धोखा अन्याय और अत्याचार किया है।

इन आंदोलनकारियों में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के युवा शामिल है आज इस प्रेस वार्ता में अनुसूचित जाति एवं जनजाति समाज के लोग संयुक्त रूप से सरकार से निम्नलिखित मांग कर रहे हैं –

1. उन 257 फर्जी जाति प्रमाण पत्र धारकों के विरुद्ध जल्द से जल्द कार्रवाई करे उन्हें गिरफ्तार करें।

2. अपने हक अधिकार के लिए आंदोलन करने वाले अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के युवाओं को सरकार ने जेल से निः शर्त रिहा करे।

उन्होंने कहा कि सरकार हमारी मांग नहीं मानती है तब अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति समाज मिलकर पूरे प्रदेश में उस आदोलन करने के लिए बाध्य होंगे जिसकी सम्पूर्ण जवाबदारी सरकार की होगी।