पिता की याद में पुत्र प्रांजल हर मंगलवार को करवाते है भंडारा,अनाथ बुजुर्गो के लिए जल्द खोलेंगे रैन बसेरा

बिलासपुर । पिता की कमी को कोई पूरा नही कर सकता लेकिन एक पुत्र अपनी पिता की याद में कुछ ऐसा करना चाहता है जिससे उसकी पिता की याद हमेशा बनी रहे एवम उनकी आत्मा को शांति मिले।
साल भर पूर्व गोड़पारा निवासी प्रांजल आनंद के पिता स्वर्गीय श्री मुकेश आनंद की आकस्मिक मृत्यु हो गई थी तब से उनके सुपुत्र प्रांजल आनंद के द्वारा चिंगराजपारा स्थित दक्षिण मुखी हनुमान जी के मंदिर में विशाल भंडारे का आयोजन किया जा रहा है।

स्वर्गीय मुकेश आनंद जी की मृत्यु हो जाने के बाद से ही उनके सुपुत्र प्रांजल आनंद अपने मित्र हिमांशु भट्ट,रितेश पांडे के साथ मिलकर यह भंडारा करवाते आ रहे है। इस भंडारे से आसपास के लगभग 1000 से 1500 लोग प्रत्येक मंगलवार को भोग ग्रहण करते है।
उनके सुपुत्र प्रांजल आनंद ने बताया कि उनके पिता समय के पहले इस दुनिया से चले गए। आज उनकी कमी को कोई पूरा नही कर सकता लेकिन जब उनकी याद में लोगो को भोजन कराता हूं तो मुझे आत्मा की शांति मिलती है और महसूस होता है कि जैस पिता का आशीर्वाद हर पल मेरे साथ है।
प्रांजल ने बताया कि आगे उनकी इच्छा बेसहारा बुजुर्गो के लिए एक रेन बसेरा खोलने का है ताकि अनाथ बेसहारा बुजुर्गो लोगो को कुछ सहारा मिल सके। जिसके लिए उनके पास जमीन है वे कोशिश कर रहे है कि अगर भवन निर्माण में शासन की मद्दत मिल जाय तो यह काम उसके लिए आसान हो जायेगा।