Loading ...
क्राइमबिलासपुर

• निजात अभियान के बाद से अपराधों में आई गिरावट • नशे के गिरफ्त में फसकर अपना अमूल्य जीवन बर्बाद कर रहे युवाओं को भी मिला एक नया जीवन • शराब की लत से उजड़े परिवार को भी जोड़ने में यह अभियान बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाई

बिलासपुर। जिले के पुलिस अधीक्षक संतोष सिंह के दृढ़ संकल्प एवम समाज में बदलाव की मनसा ने आज जिले के अपराधो में कमी ही नही लाई है, अपितु नशे के गिरफ्त में फसकर अपना अमूल्य जीवन बर्बाद कर रहे युवाओं को भी एक नया जीवन मिला है। वही निजात अभियान ने नशा एवम शराब की लत से उजड़े परिवारो को जोड़ने में भी अपना बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है ।

जिले के पुलिस अधीक्षक संतोष सिंह एक साधारण मध्यम परिवार से आते है। उन्होंने जीवन के हर एक पहलू को बहुत करीब से जाना है व समझा है। यही कारण है आज वे समाज में पुलिस की भूमिका को सिर्फ लॉ एंड ऑर्डर तक नही देखते। वे चाहते है कि इस समाज में कुछ बड़ा परिवर्तन भी आए। वे यह भी जानते है कि समाज में बड़ा सामाजिक सुधार तभी आ सकता है जब पॉवर में बैठे लोग आम जनता के साथ जुड़कर कोई बड़ा अभियान चलाए । यही कारण है की आज उन्होंने अपने निजात अभियान में पुलिस प्रशासन के साथ आम जनता को भी जोड़कर इस अभियान को व्यापक स्वरूप दिया। जिसके कारण लोगो में नशे के खिलाफ व्यापक जागरूकता फैली और अब जिले के अपराधो के आंकड़ों में बड़ी गिरावट देखी जा रही है।

आकड़े बता रहे है कि अपराधों में कुल 21 प्रतिशत की बढ़ोतरी होकर 7015 अपराध दर्ज हुए है, जो की मुख्यतः एनडीपीएस और आबकारी में बढ़ी कार्यवाहियां की वजह से हैं। सड़क दुर्घटना की लगातार उत्तरोत्तर बढ़ती दर पर ब्रेक लगा है, पिछले साल जितनी ही सड़क दुर्घटना हुई है।

अभियान दौरान आबकारी के 2849 प्रकरणों में कुल 2955 व्यक्ति व एनडीपीएस के 119 प्रकरणों में कुल 151 आरोपी गिरफ्तार हुए है । तथा 1.09 करोड़ कीमती नशीले पदार्थ जप्त हुए है। आबकारी में गिरफ्तार लोगों में बड़ी संख्या सार्वजनिक स्थलों पर शराब सेवन कर हुडदंग करने वाले लोग हैं और कुल 11797 लीटर अवैध शराब जप्त हुई। एनडीपीएस प्रकरणों में 749 किलो गांजा और अन्य नशीली वस्तुएं जप्त हुआ है। कार्यवाहियों से अपराधियों में दहशत हुई हैं।

कोटपा में 608 लोगों पर कार्यवाही हुई। नशा में गाड़ी चलाने वाले 974 लोगों पर एमवी एक्ट के कार्यवाही करते हुए प्रत्येक प्रकरण को कोर्ट भेजा गया, जहां प्रत्येक ऐसे चालक पर दस-दस हजार रुपए का भारी-भरकम जुर्माना लगाया गया है।

नशे के विरुद्ध जनजागरुकता के तहत लोगों के सहयोग से स्कूल कॉलेज और सार्वजनिक जगहों पर कुल 2022 कार्यक्रम किए गए । नशे के आदी सैकड़ों लोगों की लिस्टिंग कर उनकी विभिन्न संस्थाओं की मदद थाने में काउंसलिंग हुई, जिससे सैकड़ों लोग नशे से दूर हुए हैं।