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बिलासपुरराजनीति

कांग्रेस भवन में पुलिस द्वारा बर्बरता से कांग्रेसियों को पीटा गया, पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष आज मुख्यमंत्री है फिर भी कार्यवाही आखिर क्यों नही : अरुण तिवारी

बिलासपुर। कांग्रेस भवन में पांच साल पहले भाजपा शासन काल के दौरान पुलिस द्वारा कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं के ऊपर बेरहमी पूर्वक लाठीचार्ज किए जाने के मामले में अभी तक कोई कार्रवाई नहीं होने को लेकर पूर्व विधायक अरुण तिवारी ने तीखी नाराजगी जाहिर की है।

उन्होंने कहा है कि वह इस मामले में लेकर 18 सितंबर को कांग्रेस भवन बिलासपुर के सामने धरना देंगे। 19 या 20 सितंबर को सिविल लाइन थाने जाकर एफ आई आर दर्ज करवाएंगे, बात नही बनी तो उसके बाद राजीव भवन रायपुर में और फिर दिल्ली में भी जाकर लाठी चार्ज की घटना को लेकर अपनी आवाज मुखर करेंगे।

बिलासपुर प्रेस क्लब में आज सीपत क्षेत्र के पूर्व विधायक अरुण तिवारी ने पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि भाजपा शासन काल में कांग्रेस जनों पर जमकर लाठी चार्ज किया गया था जिसकी जांच आज तक पूरी क्यों नही हुई। जबकि तत्कालीन प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष वर्तमान में मुख्यमंत्री हैं फिर भी जांच और कार्रवाई में 05 साल लग गए। नतीजा कुछ नहीं निकला है ।इसका मतलब कहीं गड़बड़ है।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस भवन में लाठी चार्ज के मामले को लेकर उन्होंने विधानसभा में अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के दिन यह मामला उठवाया था। मगर घटना को 05 साल होने को हैं अभी तक जांच क्यों नहीं हो सकी सरकार ने अपना दायित्व नहीं निभाया है।

लाठी चार्ज घटना की पूरी जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि वे भी प्रत्यक्षदर्शी हैं। घटना दिनांक को उन्हें भी बुलाया गया था कई बाधाओं को पार करके कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ तत्कालीन मंत्री अमर अग्रवाल के बंगले में पहुंचने में सफल रहे । लेकिन उन्होंने इसका शुरू से विरोध किया। कांग्रेस जनों द्वारा मंत्री अग्रवाल के बंगले में कचरा फेंकने के बाद सब कांग्रेस भवन पहुंचे ।

वहां पर अटल श्रीवास्तव शेख गफ्फार समेत कई कांग्रेस कार्यकर्ता, नेता मौजूद रहे । वहां पर बैठक समाप्त कर अपने-अपने घर जाने की बात होती रही लेकिन बैठक चलती रही । चाय नाश्ता भी संपन्न हो गया। उसके बाद भी बैठक जारी थी। पुलिस वहां पर पहुंचकर गिरफ्तारी देने की बात कह रही थी जिस पर वे और पूर्व महापौर राजेश पांडे पुलिस की गाड़ी में जाकर बैठ गए। पुलिस लगातार गिरफ्तारी की बात कर रही थी उसके बाद पुलिस की कई गाड़ियां एक साथ कांग्रेस भवन पहुंची। तभी वहां पर कांग्रेसी लोग दरी बिछाकर भजन करना शुरू कर दिए और पुलिस की गाड़ी में कोई भी जाने के लिए तैयार नहीं था । कांग्रेस भवन में उस वक्त ना तो कोई डिप्टी कलेक्टर था और ना ही कोई दंडाधिकारी । पुलिस द्वारा वहां मौजूद तमाम लोगों को गिरफ्तार कर पुलिस वाहन में ले जाना शुरू किया साथ ही पुलिस द्वारा वहां मौजूद तमाम लोगों को गिरफ्तार कर पुलिस वाहन में बिठाना शुरू किया गया।

पुलिस ने इसके पूर्व कांग्रेस जनों को लाठी से पीटना भी शुरू किया पुलिस का उद्देश्य सिर्फ एक व्यक्ति को नुकसान पहुंचाना था मगर उनके चक्कर में कई कांग्रेस कार्यकर्ता और महिला नेत्रियों को भी लाठियां खानी पड़ी। कोनी थाने में भी मारपीट की गई । घटना के 1 घंटे बाद ही तत्कालीन प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष और वर्तमान मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पहुंचे और घटना को जानने के बाद कहा कि यह प्रजातंत्र की हत्या है हम एक-एक डंडे का हिसाब लेंगे लेकिन ऐसा लगता है कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के कार्यकाल में डंडे की गिनती अभी भी जारी है।

घटना के दूसरे दिन तत्कालीन प्रदेश प्रभारी पीएल पुनिया भी आए तो राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को बताने के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कांग्रेसी अपोलो अस्पताल में एडमिट हो गए। बिलासपुर में प्रदेश कांग्रेस की बैठक भी हुई और बरसते पानी में पीएल पुनिया ,भूपेश बघेल ,टी एस सिंहदेव ,चरण दास महंत आदि सिविल लाइन थाना गए और घटना की रिपोर्ट लिखाई । टी एस सिंहदेव ने तो धारा 307 के तहत अपराध दर्ज करने की मांग की थी । राज्य सरकार ने घटना की मजिस्ट्रियल जांच किए जाने की बात की जिस पर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता आर पी सिंह भाजपा के वर्तमान सांसद सुनील सोनी से यह कह कर भिड़ गए की मारपीट की घटनाएं साफ दिख रही है। हमारी सरकार आई तो तत्काल कार्रवाई होगी ।

श्री तिवारी ने कहा कि मैं 5 साल से आरपी सिंह को ढूंढ रहा हूं मगर नहीं मिल पाए। फ्लाइट में एक बार पीएल पुनिया से भी मुलाकात हुई थी तो उन्हें कांग्रेस भवन में लाठी चार्ज की घटना की मैंने उन्हें याद दिलाया था ।

श्री तिवारी ने कहा कि जांच का आखिर क्या हुआ? कांग्रेस भवन में कांग्रेस कार्यकर्ताओं, नेताओं के साथ किए गए लाठीचार्ज में प्रमुख भूमिका निभाने वाले पुलिस अधिकारी नीरज चंद्राकर का लगातार प्रमोशन होते जा रहा है । मैंने वर्तमान प्रदेश प्रभारी कुमारी शैलजा से भी मिलकर इस घटना का जिक्र किया था लेकिन मुझे पता है मेरी सुनवाई नहीं होगी ।

मैं बताना चाहता हूं कि मुझे किसी भी विधानसभा के टिकट की जरूरत नहीं है मैं सिर्फ कांग्रेस भवन में पुलिस द्वारा कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं को बेरहमी पूर्वक लाठियां से पीटे जाने की घटना की जांच नहीं होने और दोषियों पर करवाई नहीं किए जाने को लेकर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और सरकार का ध्यान आकर्षित करना चाहता हूं अगर मुझे इस पर बागी समझा जाता है तो हां मैं बागी हूं ।