Loading ...
बिलासपुर

यातायात विभाग एवम नगर निगम की उदासीनता से शहर की ट्रैफिक व्यवस्था में नही हो पा रही है गुणात्मक सुधार, ऑटो और ठेले वाले ने शहर की ट्रैफिक व्यवस्था को कर रखा है तहस नहस

बिलासपुर। ऑटो और ठेला लगाने वालो ने शहर की पूरी ट्रैफिक व्यवस्था को आज अस्त व्यस्त कर रखा है। वही नगर निगम एवम यातायात विभाग के अधिकारियों की उदासीनता ने आज तक शहर की ट्रैफिक व्यवस्था को दुरुस्त नही कर पाई है।

आज ऑटो चालक सवारी चढ़ाने के चक्कर में बीच रोड पर कही भी अपनी ऑटो रोककर सवारी चढ़ा रहे है। वही कही पर भी अपना ऑटो खड़ी कर दे रहे है। यही हाल ठेले वालो का है जो शहर के व्यवस्थम मार्केट में भी अपना ठेला बीच रोड पर ही लगा रहे है। उनको रोकने टोकने वाला कोई नही है। यातायात पुलिस एवम नगर निगम कार्यवाही के नाम पर केवल खानापूर्ति कर रही है।

आपको बता दे कि नेहरु चौक में दिनभर ट्रैफिक पुलिस मौजूद रहती है फिर भी उनके नजरो के सामने राजेश पेट्रोल पंप के पास अव्यवस्थित ऑटो आधे रोड पर कब्जा कर दिनभर खड़ी रहती है। ऐसा ही कुछ हाल सांची मिल्क पार्लर के पास की भी है। लेकिन चद कदमों के फासले में मौजूद ट्रैफिक पुलिस सिर्फ मूक दर्शक बनकर तमास बीन बनी देखते रहती है।

ऐसा ही हाल विराहस्पति बाजार का है। जहां रोज शाम को देवकीनंदन चौक से लेकर जेल चौक तक अव्यवस्थित फलों के ठेले लगे रहते है । सब्जी लेने जाने वालो के लिए पार्किंग की जगह नही बची रहती है । आजकल अंदर सब्जी लगाने वाले लोग भी अपनी एक सब्जी की दुकान बाहर भी लगाने लगे है। सब्जी लेने आने वालो के लिए अब पार्किंग बची नही है। इधर यातायात पुलिस सब्जी लेने आए लोगो की गाड़ियों का चालान काट रही है।

ऐसा कुछ हाल शनिचरी बाजार का है। जहा शाम 5 बजे के बाद पैदल चलना मुश्किल हो जाता है। लाल बहादुर शास्त्री स्कूल के मुख्य गेट से लेकर चाटीडीह चौराहे तक बीच रोड में लगे ठेलो एवम रोड पर खड़े ऑटो के कारण हर रोज सुबह शाम रोड में घंटो जाम लगी रहती है।

शहर का यह हालत आज का नही है सालो से शहर की ट्रैफिक व्यवस्था ऐसा ही चल रहा है। जो त्योहारों के सीजन में और भी खराब हो जाती है लेकिन नगर निगम और यातायात विभाग के अधिकारियों की उदासीनता से इस समस्या से शहरवासियों को आज तक निजात नही मिल सकी है।

आज जरूरत है की शहर के व्यवस्तम मार्केट को तत्काल सुव्यवस्थित करे । जिसके लिए ठेले वालो के लिए दुकान लगाने के लिए एक स्थान सुनिश्चित की जानी चाहिए ताकि वे भी अपना व्यापार निश्चिंत होकर कर सके । वही ऑटो चालकों को एक ट्रेनिंग की आवश्यक है। जिसमें उन्हें सिखाया जाए कि शहर की ट्रफिक व्यवस्था को बनाए रखते हुए अपने सवारी को कैसे बैठाए और अपनी गाड़ी कहा पार्क करें। ताकि शहर की यातायात व्यवस्था सभी के लिए सुगम व सुव्यवस्थित हो सके। जब तक हम इस दिशा में ठोस काम नही किया जायेगा तब तक शहर की ट्रैफिक व्यवस्था को हम सुव्यवस्थित नही कर पाएंगे ।